
केंद्र सरकार ने किसानों को डिजिटल माध्यम से सरकारी योजनाओं और कृषि सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में एक नई पहल की है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्नत एग्री वेलफेयर पोर्टल लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता और कृषि संबंधी प्रमाणिक जानकारी सीधे किसानों के मोबाइल फोन तक पहुंचाना है।
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन के अनुरूप है। पोर्टल को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जहां किसान विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी एक ही स्थान पर प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन्हें अलग-अलग सरकारी कार्यालयों और वेबसाइटों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।
लॉन्च कार्यक्रम में चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री का विजन सरकार को नागरिकों, विशेषकर किसानों के लिए मोबाइल फोन के माध्यम से सुलभ बनाना है। उन्होंने कहा कि तकनीक का वास्तविक लाभ तभी है, जब वह खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे तथा किसानों के जीवन को आसान बनाए।
नए पोर्टल पर पीएम-किसान, एग्रीस्टैक और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी प्रमुख पहलों की जानकारी उपलब्ध होगी। किसान विभिन्न योजनाओं की पात्रता, सब्सिडी, नियमों और आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन देख सकेंगे। ऑनलाइन पात्रता जांच और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और बिचौलियों की भूमिका कम करने में मदद मिलेगी।
पोर्टल पर मौसम, वैज्ञानिक खेती, बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता और कृषि उपज के बाजार भाव से संबंधित जानकारी भी मिलेगी। इसे सामान्य स्मार्टफोन और सीमित इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में उपयोग के अनुकूल बनाया गया है।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पोर्टल पर उपलब्ध सूचनाएं प्रमाणिक, सटीक और नियमित रूप से अपडेट होनी चाहिए। उन्होंने छोटे और सीमांत किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसकी भाषा और प्रक्रियाओं को सरल रखने पर भी जोर दिया।
डिजिटल सेवाओं के प्रति किसानों की जागरूकता बढ़ाने के लिए देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाया जाएगा। पोर्टल के व्यापक दायरे में किसान उत्पादक संगठनों, प्राथमिक कृषि ऋण समितियों, कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप को भी शामिल करने की योजना है।
पोर्टल को सरकारी वेबसाइटों के दिशा-निर्देश जीआईजीडब्ल्यू 3.0 और डिजिटल ब्रांड आइडेंटिटी मैनुअल 3.0 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें दिव्यांगजनों, विशेषकर दृष्टिबाधित उपयोगकर्ताओं के लिए स्क्रीन रीडर की सुविधा और सरल नेविगेशन की व्यवस्था भी की गई है।
इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण सचिव अतिश चंद्रा, अपर सचिव प्रमोद मेहरदा तथा मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



