
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मध्य प्रदेश में डेयरी सहकारिता को मजबूत करने और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि सहकारी व्यवस्था किसानों और पशुपालकों को बेहतर बाजार, उचित मूल्य तथा दूध से होने वाले वैल्यू एडिशन का लाभ दिलाने का प्रभावी माध्यम है।
भोपाल के दशहरा मैदान में आयोजित गौपालक सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के तहत सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि विकास और महिला सशक्तीकरण से जोड़ने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खुले बाजार में दूध बेचने वाले पशुपालकों को अक्सर बिचौलियों के कारण उचित मूल्य नहीं मिल पाता, जबकि सहकारी डेयरी उन्हें संगठित बाजार और प्रोसेसिंग से जोड़ती है।
शाह ने कहा कि दूध से आइसक्रीम, मक्खन, घी, चीज और मावा जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों के लिए आधुनिक प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है। उन्होंने नस्ल सुधार, टीकाकरण, चारा प्रबंधन, कृत्रिम गर्भाधान और सेक्स-सॉर्टेड सीमन जैसी तकनीकों को डेयरी उत्पादकता बढ़ाने के महत्वपूर्ण साधन बताया।
उन्होंने कहा कि श्वेत क्रांति 2.0 के तहत देशभर में 75 हजार नई सहकारी डेयरियां स्थापित करने और 46 हजार मौजूदा डेयरियों को मजबूत करने का लक्ष्य है। मध्य प्रदेश में भी इस अभियान के तहत सहकारी डेयरी नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा।
शाह ने कहा कि देश का दूध उत्पादन वर्ष 2014-15 के लगभग 14.60 करोड़ टन से बढ़कर करीब 24.80 करोड़ टन हो गया है। प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता भी लगभग 307 ग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 485 ग्राम प्रतिदिन हो गई है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है।
महिला सशक्तीकरण को डेयरी सहकारिता का महत्वपूर्ण परिणाम बताते हुए उन्होंने कहा कि डेयरी के माध्यम से सीधे महिलाओं तक आय पहुंचती है, जिससे परिवार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों मजबूत होते हैं।
इस अवसर पर उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल माध्यम से भूमिपूजन किया गया। भोपाल के 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और 12.42 करोड़ रुपये की लागत से तैयार राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण भी हुआ। शिवपुरी में मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का भी लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम में पशुपालकों को बोनस, लाभांश और सहायता राशि वितरित की गई तथा महिला पशुपालकों समेत अन्य पशुपालकों को सम्मानित किया गया।



