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इफको ने हीरक जयंती वर्ष का किया शुभारंभ, देशभर में होंगे 60 विशेष कार्यक्रम

भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) ने 3 नवंबर 2026 को अपने हीरक जयंती वर्ष का शुभारंभ किया। इस अवसर पर संस्था ने अपनी 60 वर्षों की यात्रा को याद करते हुए देशभर में 60 विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की।

3 नवंबर 1967 को मात्र 57 सहकारी समितियों के साथ स्थापित इफको आज देश के अग्रणी सहकारी संगठनों में शामिल है और वैश्विक उर्वरक उद्योग में भी अपनी पहचान बना चुका है। छह दशकों की इस यात्रा में संस्था ने उर्वरक उत्पादन, कृषि अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के माध्यम से देश की कृषि प्रगति तथा खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

हीरक जयंती वर्ष के दौरान इफको अपने संस्थापक एवं प्रथम अध्यक्ष महाराजकुमार साहिब उदयभाणसिंहजी नटवरसिंहजी जेठवा (1910-1977) को विशेष श्रद्धांजलि देगा। उनके सम्मान में इफको की सभी उत्पादन इकाइयों और नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में उनकी प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।

इफको की औद्योगिक यात्रा 1975 में अहमदाबाद के निकट कलोल उर्वरक संयंत्र की स्थापना के साथ शुरू हुई। इसके बाद 1976 में कांडला, 1981 में फूलपुर और 1988 में आंवला संयंत्र स्थापित किए गए। वर्ष 2005 में इफको देश की पहली सहकारी संस्था बनी, जिसने निजी क्षेत्र के एक उद्यम का अधिग्रहण किया।

तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में इफको की नैनो उर्वरक पहल एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है। संस्था ने 2019 में स्वदेशी नैनो उर्वरकों का विकास किया और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के मार्गदर्शन में इनके परीक्षण शुरू किए। वर्ष 2021 में नैनो यूरिया लॉन्च किया गया। मई 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कलोल में भारत के पहले नैनो यूरिया संयंत्र को राष्ट्र को समर्पित किया। इसके बाद 2023 में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत के पहले नैनो डीएपी संयंत्र का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर इफको के अध्यक्ष दिलीप संघानी ने कहा कि हीरक जयंती वर्ष किसानों की सेवा और सहकारिता आंदोलन के प्रति संस्था की छह दशक लंबी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने महिला उद्यमिता, कौशल विकास, ग्रामीण आजीविका, ड्रोन दीदी पहल और नैनो उर्वरकों के प्रति जागरूकता के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने की इफको की प्रतिबद्धता दोहराई।

इफको के प्रबंध निदेशक के.जे. पटेल ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा एवं उर्वरक क्षेत्र की चुनौतियों के बावजूद संस्था की सभी उत्पादन इकाइयां बेहतर दक्षता और उत्पादन क्षमता के साथ काम कर रही हैं, ताकि किसानों को उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

हीरक जयंती वर्ष के तहत किसान सम्मेलन, प्रशिक्षण कार्यशालाएं, जागरूकता अभियान और सहकारी संस्थाओं से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें आधुनिक कृषि पद्धतियों, डिजिटल सेवाओं, टिकाऊ खेती और सहकारी विकास जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

इस अवसर पर इफको के अध्यक्ष दिलीप संघानी को इंटरनेशनल कोऑपरेटिव अलायंस (आईसीए) के डायरेक्टर-एट-लार्ज निर्वाचित होने पर सम्मानित भी किया गया। यह उपलब्धि वैश्विक सहकारी मंच पर भारतीय सहकारिता आंदोलन की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती है।

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