
देशभर के सहकारी संस्थानों में 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम ‘प्रोबिटी फॉर प्रॉस्पेरिटी’ रखी गई है। इस दौरान पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
सहकारिता मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) ने भी अपने-अपने संस्थानों में सतर्कता सप्ताह के तहत गतिविधियां शुरू की हैं।
26 अक्टूबर को सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं केंद्रीय सहकारी समिति रजिस्ट्रार शिवपाल सिंह की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित अटल अक्षय ऊर्जा भवन में निवारक सतर्कता पर कार्यशाला एवं जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।
कार्यशाला में केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964, हितों के टकराव, पारदर्शिता, जवाबदेही और सार्वजनिक सेवा में नैतिक आचरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इसमें सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव पंकज कुमार बंसल, निदेशक डॉ. मुकेश कुमार सहित मंत्रालय और केंद्रीय सहकारी समिति रजिस्ट्रार कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
इसी क्रम में नेफेड भी इसी थीम के तहत सतर्कता सप्ताह मना रहा है। कार्यक्रम के दौरान नेफेड के मुख्य सतर्कता अधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। सभी ने अपने कार्यों में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने का संकल्प लिया।
वहीं, एनसीडीसी ने गुरुग्राम स्थित लक्ष्मणराव इनामदार राष्ट्रीय सहकारी अनुसंधान एवं विकास अकादमी (लिनैक) के माध्यम से सतर्कता सप्ताह की शुरुआत की। 26 अक्टूबर को लिनैक-एनसीडीसी के महानिदेशक मनोज कुमार ने अकादमी परिसर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई और सप्ताहभर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।
सहकारी क्षेत्र के लिए सतर्कता सप्ताह का विशेष महत्व है। कृषि विपणन, ग्रामीण ऋण, डेयरी, मत्स्य पालन और अन्य आर्थिक गतिविधियों में सहकारी संस्थाओं की बढ़ती भूमिका के बीच पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया, वित्तीय अनुशासन और मजबूत आंतरिक नियंत्रण व्यवस्था बेहद जरूरी है।
यह सप्ताह सहकारी संस्थाओं को अपनी दैनिक कार्यप्रणाली में नैतिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।



