
कनीकी बदलावों और बेहतर प्रबंधन के जरिए असम को-ऑपरेटिव एपेक्स बैंक ने अपनी खोई हुई साख दोबारा हासिल करते हुए शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है। कभी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का लाइसेंस गंवाने के कगार पर पहुंच चुका यह बैंक आज आरबीआई की अनुसूचित बैंकों की सूची में अपनी जगह बना चुका है। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम में बैंक की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे राज्य के सहकारी क्षेत्र की बड़ी सफलता बताया।
इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों में चयनित 439 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे, जिनमें 175 नियुक्तियां असम को-ऑपरेटिव एपेक्स बैंक में की गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक ने सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को व्यापक रूप से अपनाकर अपनी कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। प्रौद्योगिकी आधारित व्यवस्था ने बैंक की परिचालन क्षमता और संस्थागत कामकाज को मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि बैंक असम के सहकारी आंदोलन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसकी बेहतर वित्तीय स्थिति के चलते इसे अनुसूचित बैंक का दर्जा मिला है, जिससे यह सुरक्षित रूप से सरकारी जमा स्वीकार करने के योग्य भी बन गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बैंक ने प्रत्यक्ष भर्ती के अलावा अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करने में भी योगदान दिया है।
नियुक्ति कार्यक्रम में सहकारिता, श्रम कल्याण, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी और जल संसाधन विभागों के नवनियुक्त अभ्यर्थी शामिल थे। इस भर्ती अभियान के साथ असम सरकार के दोनों कार्यकालों में कुल सरकारी नियुक्तियों की संख्या बढ़कर 1,65,749 हो गई है।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि सरकारी नौकरी को केवल व्यक्तिगत आर्थिक उन्नति का साधन नहीं, बल्कि समाज की सेवा के अवसर के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों से ईमानदारी बनाए रखने, नई तकनीकों को अपनाने और अपने कौशल को लगातार विकसित करने का भी आह्वान किया।
कार्यक्रम में कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इनमें असम को-ऑपरेटिव एपेक्स बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष एवं विधायक बिस्वजीत फुकन भी शामिल थे।



