
सहकारिता मंत्रालय देशभर की सहकारी संस्थाओं के उत्पादों को व्यापक उपभोक्ता बाजार तक पहुंचाने के लिए एक समर्पित डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम विकसित करने की संभावनाएं तलाश रहा है। इसके तहत ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) के सहयोग से सहकारी उत्पादों के लिए एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म प्रस्तावित है।
इस संबंध में 6 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित अटल अक्षय ऊर्जा भवन में सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष भूटानी की अध्यक्षता में ओएनडीसी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में संयुक्त सचिव रमन कुमार, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रमुख सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
बैठक में ऐसा मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करने पर चर्चा हुई, जो सहकारी उत्पादकों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ सके। इसके साथ ही बाजार तक पहुंच, मूल्य श्रृंखला, डिजिटल भुगतान, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी सुविधाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
प्रस्तावित प्लेटफॉर्म के माध्यम से डेयरी उत्पादों, कृषि वस्तुओं, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, हथकरघा, हस्तशिल्प और जैविक उत्पादों सहित अन्य सहकारी उत्पादों को स्थानीय बाजारों से बाहर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है।
ओएनडीसी का ओपन नेटवर्क मॉडल विक्रेताओं को किसी एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक सीमित रहने के बजाय विभिन्न खरीदार एप्लिकेशन पर अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर देता है। इससे छोटे सहकारी संगठनों को भी व्यापक ग्राहक आधार तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इस पहल की सफलता के लिए उत्पादों की डिजिटल सूची तैयार करना, पैकेजिंग, भंडारण, ऑर्डर प्रबंधन, भुगतान और अंतिम उपभोक्ता तक डिलीवरी जैसी सुविधाओं को मजबूत करना भी जरूरी होगा। इसके लिए साझा लॉजिस्टिक्स और पंजीकरण संबंधी सहायता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
यह पहल सरकार के ‘सहकार से समृद्धि’ के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है। यदि प्रस्तावित प्लेटफॉर्म प्रभावी ढंग से लागू होता है, तो यह सहकारी संस्थाओं के लिए नए बाजार खोलने, सदस्यों की आय बढ़ाने और सहकारी क्षेत्र को डिजिटल रूप से अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।



