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सीआरसीएस-सहारा पोर्टल पर रिफंड दावों के निपटारे की प्रक्रिया फिर शुरू

सहारा समूह की चार सहकारी समितियों के वास्तविक जमाकर्ताओं के लिए रिफंड प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है। केंद्रीय सहकारी समितियों के पंजीयक (सीआरसीएस) के अनुसार, अब तक 41,56,711 जमाकर्ताओं के आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे 9,267 करोड़ रुपये की राशि वापस की जा चुकी है।

सहकारिता मंत्रालय के मुताबिक, सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से करीब 20 लाख आवेदन अभी भी प्रसंस्करण के लिए लंबित हैं। पोर्टल के दोबारा बहाल होने के बाद इन लंबित दावों के सत्यापन और रिफंड की प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी गई है।

मंत्रालय ने बताया कि नवंबर 2025 में सहारा समितियों का कामकाज कई प्रशासनिक और परिचालन बाधाओं के कारण प्रभावित हुआ था। सहारा समितियों से असंबद्ध कुछ मामलों के चलते उनके परिसरों को सील किए जाने के अलावा हार्डवेयर और वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) से संबंधित बकाया, जरूरी आईटी अवसंरचना और लाइसेंस के नवीनीकरण तथा मानव संसाधन एवं प्रशासनिक समस्याओं के कारण रिफंड दावों के सत्यापन और प्रसंस्करण के लिए जरूरी प्रणालियों का संचालन प्रभावित हुआ।

सहकारिता मंत्रालय और सीआरसीएस ने संबंधित हितधारकों, जिनमें उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी और प्राधिकरण भी शामिल हैं, के साथ लगातार समन्वय कर इन बाधाओं को दूर करने के लिए कदम उठाए। इसके परिणामस्वरूप पोर्टल और उससे जुड़ी सत्यापन प्रणालियों को दोबारा चालू किया जा सका।

रिफंड प्रक्रिया सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, लखनऊ; सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, भोपाल; हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, कोलकाता; और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, हैदराबाद के पात्र जमाकर्ताओं के दावों पर लागू है।

सरकार ने यह समर्पित ऑनलाइन पोर्टल 18 जुलाई 2023 को शुरू किया था। इसके जरिए जमाकर्ता बिना किसी भौतिक कागजी प्रक्रिया के अपने दावे दाखिल कर सकते हैं। दावों का सत्यापन आधार ई-केवाईसी तथा संबंधित समितियों द्वारा उपलब्ध कराए गए जमाकर्ता, सदस्यता और खाते के विवरण के मिलान के आधार पर किया जाता है।

जमा प्रमाण-पत्र, रसीद और अन्य निर्धारित दस्तावेजों की जांच सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत स्थापित निगरानी व्यवस्था और अनुमोदित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार की जाती है। सफल सत्यापन के बाद पात्र रिफंड सीधे जमाकर्ता के आधार से जुड़े बैंक खाते में जमा किया जाता है।

सीआरसीएस ने जमाकर्ताओं से अपील की है कि नए दावे केवल आधिकारिक सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से ही दाखिल करें। दावों में त्रुटियों के सुधार के लिए सूचना मिलने पर निर्धारित पुनः प्रस्तुतीकरण पोर्टल का इस्तेमाल किया जाए। मंत्रालय ने जमाकर्ताओं को अनधिकृत माध्यमों और भ्रामक दावों से सावधान रहने की सलाह दी है।

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