
नेशनल कोऑपरेटिव यूनियन ऑफ इंडिया (एनसीयूआई) के नेशनल सेंटर फॉर कोऑपरेटिव एजुकेशन (एनसीसीई) को त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय (टीएसयू) से एफिलेशन देने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इसी क्रम में 7 मई 2026 को निरीक्षण समिति ने नई दिल्ली स्थित एनसीयूआई मुख्यालय का विस्तृत संस्थागत निरीक्षण किया।
यह निरीक्षण देश में सहकारी शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से स्थापित नए विश्वविद्यालय ढांचे के तहत किया गया। निरीक्षण समिति में प्रो. श्याम सिंह अध्यक्ष तथा प्रो. अंकुर श्रीवास्तव सदस्य के रूप में शामिल थे।
निरीक्षण के दौरान एनसीयूआई और एनसीसीई के वरिष्ठ अधिकारियों ने समिति के साथ विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर एनसीसीई के कार्यकारी निदेशक राजीव शर्मा, एनसीयूआई के कार्यकारी निदेशक आशीष द्विवेदी एवं रितेश डे, निदेशक संध्या कपूर, एनसीसीई की उपनिदेशक दीप्ति यादव तथा सहायक निदेशक इंदरप्रीत कौर सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
समिति के समक्ष एनसीयूआई और एनसीसीई की गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसमें प्रशिक्षण कार्यक्रमों, शैक्षणिक पहलों, कौशल विकास गतिविधियों और सहकारी आंदोलन को मजबूत करने में संस्थान की भूमिका को रेखांकित किया गया। अधिकारियों ने सहकारी क्षेत्र सुधारों के अनुरूप भविष्य की योजनाओं और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की भी जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान समिति ने एनसीयूआई परिसर का दौरा कर संस्थान की आधारभूत संरचना का मूल्यांकन किया। समिति के सदस्यों ने कक्षाओं, पुस्तकालय और छात्रावास सुविधाओं का निरीक्षण कर विश्वविद्यालय एफिलेशन के लिए संस्थान की शैक्षणिक और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की।
समिति ने सहकारी शिक्षा एवं प्रशिक्षण से जुड़े शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ भी संवाद किया। इस दौरान नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनसीडीसी) के वरिष्ठ सलाहकार एस.के. टकर एवं एम.के. गांधी, डीएससीटीसी के प्राचार्य एस.सी. प्रधान तथा कोबी के प्रबंध निदेशक डॉ. वी.के. दुबे सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
दौरे का समापन एफिलेशन से संबंधित अभिलेखों एवं दस्तावेजों के सत्यापन तथा अधिकारियों एवं शिक्षकों के साथ समीक्षा बैठक के साथ हुआ। यह निरीक्षण त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के तहत सहकारी शिक्षा संस्थानों को व्यापक शैक्षणिक ढांचे से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



