
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” विज़न और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय ने मिजोरम की राजधानी आइजोल में सहकारी सुधारों पर दूसरे क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया।
यह सम्मेलन देशभर में सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने और सहकारिता आधारित विकास को गति देने के उद्देश्य से आयोजित क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय कार्यशालाओं की श्रृंखला का हिस्सा है। इससे पहले पहला क्षेत्रीय सम्मेलन जयपुर में आयोजित किया गया था।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में पहली बार आयोजित इस सम्मेलन में असम, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम सहित सभी पूर्वोत्तर राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा नाबार्ड, एनसीडीसी, नेफेड, एनसीसीएफ, एनडीडीबी, एनएफडीबी और नेडफी समेत विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
सम्मेलन में राज्यों ने डेयरी, मत्स्य, सहकारी बैंकिंग, पैक्स विस्तार, अनाज भंडारण और वैल्यू चेन विकास से जुड़ी पहलों की जानकारी साझा की। पूर्वोत्तर राज्यों ने ऑर्गेनिक और पारंपरिक उत्पादों के निर्यात तथा मार्केट लिंकज बढ़ाने के अपने अनुभव भी प्रस्तुत किए।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने कहा कि पूर्वोत्तर की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए यहां सहकारी योजनाओं के लिए लचीले और राज्य-विशेष मॉडल की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि “एक जैसा मॉडल” पूर्वोत्तर में प्रभावी नहीं हो सकता।
डॉ. भूटानी ने सहकारी बैंकिंग सुधारों को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि शहरी सहकारी बैंकों के लिए साझा तकनीकी प्लेटफॉर्म विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे लागत कम होगी, तकनीकी दोहराव घटेगा और ग्राहकों को आधुनिक बैंकिंग सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 1,500 शहरी सहकारी बैंक अलग-अलग तकनीकी प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं।
सम्मेलन में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना, साइबर सुरक्षा, डेयरी एवं मत्स्य सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने और ग्रामीण आजीविका बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। मंत्रालय ने कहा कि सहकारी मॉडल पूर्वोत्तर में रोजगार सृजन, बाजार पहुंच और स्थानीय संसाधनों को आर्थिक अवसरों में बदलने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
मिजोरम सरकार के मुख्य सचिव के.आर. मीणा ने राज्य में सहकारी विकास को समर्थन देने के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया और सहकारी सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन का भरोसा दिलाया।



