
भारतीय रिज़र्व बैंक ने शहरी सहकारी बैंकिंग (यूसीबी) क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘मिशन सक्षम’ नामक राष्ट्रीय क्षमता-विकास पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य सहकारी बैंकों को अधिक सक्षम, लचीला और भविष्य के लिए तैयार बनाना है।
इस मिशन का शुभारंभ मंगलवार को संजय मल्होत्रा, गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा किया गया। इसके तहत देशभर में लगभग 1.4 लाख प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह कार्यक्रम निदेशक मंडल के सदस्यों, वरिष्ठ प्रबंधन तथा जोखिम प्रबंधन, अनुपालन, लेखा-परीक्षण और आईटी से जुड़े अधिकारियों को लक्षित करता है, जो सहकारी बैंकों की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं।
मिशन मोड में संचालित इस पहल के तहत भारतीय रिज़र्व बैंक प्रत्यक्ष प्रशिक्षण (इन-पर्सन) सत्रों के साथ-साथ ई-लर्निंग मॉड्यूल भी शुरू करेगा। कार्यक्रम को क्षेत्रीय भाषाओं में सुलभ बनाने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित हो सके। इसे सहकारी संघों और क्षेत्र के शीर्ष संगठनों के सहयोग से तैयार किया गया है, जिससे यह जमीनी चुनौतियों का प्रभावी समाधान कर सके।
‘मिशन सक्षम’ का उद्देश्य प्रबंधकीय कौशल को उन्नत करना, अनुपालन मानकों में सुधार लाना और शहरी सहकारी बैंकों की संस्थागत मजबूती बढ़ाना है। साथ ही, यह निरंतर सीखने की एक सुदृढ़ प्रणाली विकसित करने की दिशा में भी काम करेगा, जिससे दीर्घकालिक स्थिरता और सतत विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
इस पहल के माध्यम से भारतीय रिज़र्व बैंक ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मजबूत मानव संसाधन और बेहतर प्रणालियां ही मजबूत सहकारी बैंकों की आधारशिला हैं।



