
भारतीय रिज़र्व बैंक ने लोकापावनी महिला सहकारी बैंक नियमिता, मांड्या पर लागू नियामकीय प्रतिबंधों को छह महीने के लिए और बढ़ा दिया है।
यह निर्देश, जिसकी अवधि पहले अप्रैल 2026 के अंत में समाप्त होने वाली थी, अब 30 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
उक्त प्रतिबंध पहली बार जुलाई 2025 में बैंकिंग विनियमन अधिनियम के प्रावधानों के तहत लगाए गए थे, ताकि सार्वजनिक हित की रक्षा की जा सके और बैंक में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित किया जा सके। ताजा विस्तार के साथ बैंक फिलहाल इन्हीं नियामकीय शर्तों के तहत कार्य करता रहेगा।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि विस्तार को बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार के संकेत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसके बजाय, यह दर्शाता है कि नियामक अभी भी बैंक पर करीबी निगरानी बनाए रखना आवश्यक समझता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने यह भी कहा कि पूर्व में जारी निर्देशों की सभी शर्तें यथावत रहेंगी और आगे भी स्थिति की समीक्षा की जाती रहेगी।



