
सिटीजन को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025–26 में शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए 31 मार्च 2026 तक कुल कारोबार 5,138.71 करोड़ रुपये दर्ज किया है। सोसाइटी का शुद्ध लाभ बढ़कर 94.98 करोड़ रुपये हो गया है।
वित्त वर्ष के दौरान प्रमुख वित्तीय संकेतकों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। सोसाइटी के रिजर्व 385.52 करोड़ रुपये से बढ़कर 455.23 करोड़ रुपये हो गए। जमा (डिपॉजिट) 2,277.67 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,689.08 करोड़ रुपये तक पहुंच गए, जबकि ऋण (एडवांसेस) 2,112.54 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,469.63 करोड़ रुपये हो गए। कुल कारोबार 4,390.21 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,138.71 करोड़ रुपये हो गया।
वर्ष 1997 में स्थापित और 2005 में मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाइटी का दर्जा प्राप्त करने वाली यह संस्था वर्तमान में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा और पुडुचेरी में संचालित हो रही है। सोसाइटी की 44 शाखाओं का नेटवर्क है और यह 1.08 लाख से अधिक सदस्यों को मुख्यतः शेयरधारक आधारित वित्तीय सेवाएं प्रदान करती है।
सोसाइटी सुरक्षित ऋण (सेक्योर्ड लेंडिंग) पर विशेष ध्यान देती है, जिसमें स्वर्ण आभूषणों के विरुद्ध ऋण, मॉर्गेज आधारित ऋण और अन्य ऋण सुविधाएं शामिल हैं। स्थापना के बाद से ही संस्था लगातार लाभ में रही है और अपने सदस्यों को नियमित रूप से लाभांश वितरित करती रही है।
बदलती बैंकिंग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सोसाइटी कोर बैंकिंग सिस्टम (सीबीएस) लागू कर रही है, जिससे ‘एनीवेयर बैंकिंग’ सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। सभी शाखाएं पूर्णतः कंप्यूटरीकृत हैं और सुरक्षित लॉकर तथा स्ट्रॉन्ग रूम जैसी सुविधाओं से सुसज्जित हैं।
सोसाइटी का प्रबंधन 2025–2030 कार्यकाल के लिए चुने गए 11 सदस्यीय निदेशक मंडल द्वारा किया जा रहा है, जिसमें बैंकिंग और वित्त क्षेत्र के अनुभवी पेशेवर शामिल हैं। संस्था के प्रबंध निदेशक एन. नरेंद्रकुमार हैं, जो आंध्रा बैंक के पूर्व उप महाप्रबंधक रह चुके हैं।
वित्तीय मजबूती के साथ-साथ सोसाइटी सदस्य कल्याण पर भी विशेष ध्यान देती है। संस्था मृत सदस्यों के परिवारों को बीमा लाभ और आर्थिक सहायता प्रदान करती है तथा सदस्यों के बच्चों की शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करती है। लगभग 300 कर्मचारियों के साथ सोसाइटी नियमित प्रशिक्षण और कर्मचारी कल्याण योजनाएं भी संचालित करती है।
सोसाइटी के पास आईएसओ 9001:2015 प्रमाणन भी है, जो गुणवत्ता और सुशासन के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।



