
इफको के चेयरमैन दिलीप संघानी ने नई दिल्ली में ओमिफको के प्रतिनिधिमंडल के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान भारत और ओमान के बीच उर्वरक क्षेत्र में मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।
बैठक में ओमिफको के परिचालन, व्यावसायिक गतिविधियों और भविष्य के विस्तार से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। ओमिफको भारत-ओमान सहयोग का एक प्रमुख संयुक्त उद्यम है, जिसने देश की कृषि जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ओमिफको, भारतीय सहकारी संस्थाओं और ओमान के ऊर्जा क्षेत्र के बीच स्थापित एक संयुक्त उद्यम है, जो ओमान के सूर में बड़े पैमाने पर अमोनिया-यूरिया उर्वरक संयंत्र संचालित करता है। कंपनी में ओक्यू, इफको और कृभको की हिस्सेदारी है। इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 16 लाख टन से अधिक यूरिया की है।
उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा दीर्घकालिक समझौतों के तहत भारत को निर्यात किया जाता है, जिससे देश को उर्वरकों की स्थिर और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित होती है, जो खाद्य सुरक्षा के लिए बेहद अहम है।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने परिचालन दक्षता बढ़ाने, स्थिरता को मजबूत करने और तकनीकी उन्नयन की संभावनाओं पर रचनात्मक चर्चा की। साथ ही, ग्रीन अमोनिया, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण के अनुकूल उर्वरक उत्पादन जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार किया गया।
इस बैठक में ओमिफको और ओक्यू के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जबकि इफको की ओर से प्रबंध निदेशक के. जे. पटेल सहित अन्य शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक को भविष्य की दिशा तय करने वाला और दोनों देशों की साझा आर्थिक दृष्टि के अनुरूप बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि ओमिफको भारत-ओमान सहयोग का एक सफल प्रतीक है, जो न केवल कृषि उत्पादकता को बढ़ा रहा है, बल्कि द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को भी मजबूत कर रहा है।
यह बैठक भविष्य में नई साझेदारियों के रास्ते खोलने, आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत बनाने तथा सतत कृषि और दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।



