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केरल बैंक का कारोबार 1.28 लाख करोड़ रुपये के पार; गोल्ड लोन बढ़ा 78%

केरल स्टेट कोऑपरेटिव बैंक (केरल बैंक) ने वित्त वर्ष 2025–26 में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति को और सुदृढ़ किया है। बैंक का कुल व्यवसाय बढ़कर 1,28,700 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष के 1,21,106 करोड़ रुपये की तुलना में 5.9% की ठोस वृद्धि दर्शाता है।

बैंक की कुल जमा राशि 70,763 करोड़ रुपये से बढ़कर 75,500 करोड़ रुपये हो गई, जो 6.69% की स्वस्थ वृद्धि को दर्शाती है। वहीं, ऋण बकाया 50,343 करोड़ रुपये से बढ़कर 53,249 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें 5.44% की वृद्धि दर्ज की गई। इससे पहले केरल बैंक देश का पहला सहकारी बैंक बना था, जिसने 50,000 करोड़ रुपये के ऋण बकाया का आंकड़ा पार किया था।

केरल बैंक के सीईओ जॉर्टी एम. चाको ने बताया कि बैंक की वित्तीय स्थिति सभी प्रमुख मानकों पर स्थिर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि लाभ के आंकड़े वैधानिक ऑडिट के बाद ही घोषित किए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि निवेश जमा अनुपात (आईडीआर) के प्रभाव के कारण मुनाफे पर कुछ दबाव आ सकता है, यदि भारतीय रिजर्व बैंक से कोई नियामकीय राहत नहीं मिलती है।

भविष्य की योजना पर बात करते हुए चाको ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में बैंक 1.38 लाख करोड़ रुपये से अधिक के व्यवसाय का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसके लिए बैंक अपने 823 शाखाओं के मजबूत नेटवर्क का लाभ उठाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि बैंक के एनपीए में उल्लेखनीय कमी आई है, जिसके विस्तृत आंकड़े जल्द जारी किए जाएंगे।

इस वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि गोल्ड लोन सेगमेंट में रही। आक्रामक अभियानों और ग्राहक-केंद्रित पहलों के चलते गोल्ड लोन वितरण में 78.32% की जबरदस्त वृद्धि हुई है, जो 6,505 करोड़ रुपये से बढ़कर 11,600 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस प्रदर्शन के साथ केरल बैंक ने राज्य में गोल्ड लोन बकाया के मामले में सभी बैंकों के बीच चौथा स्थान हासिल किया है, जो इसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है।

वर्ष के दौरान 3,744 करोड़ रुपये के कृषि ऋण वितरित किए गए, जिससे कुल कृषि ऋण बकाया 12,278 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो बैंक के कुल ऋण पोर्टफोलियो का 23.06% है। यह ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।

संचालन के स्तर पर भी बैंक ने उल्लेखनीय सुधार किया है। प्रति शाखा व्यवसाय 148.17 करोड़ रुपये से बढ़कर 157.37 करोड़ रुपये हो गया, यानी प्रति शाखा 9.2 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई। बैंक के अध्यक्ष पी. मोहनन मास्टर और सीईओ जॉर्टी एम. चाको ने इस सफलता का श्रेय कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण को दिया है।

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