
मध्य प्रदेश के सहकारिता विभाग ने कहा है कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ उसकी साझेदारी के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। विभाग के अनुसार, यह पहल सहकारी मॉडल के जरिए राज्य में “श्वेत क्रांति” को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
विभाग ने बताया कि सांची ब्रांड के विस्तार और डेयरी तंत्र के आधुनिकीकरण के उद्देश्य से किया गया यह समझौता जमीनी स्तर पर तेजी से असर दिखा रहा है। वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य में 1,752 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया, जिससे संगठित डेयरी नेटवर्क में किसानों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इस पहल के तहत निष्क्रिय समितियों को पुनर्जीवित करने, दूध संग्रहण प्रणाली को मजबूत बनाने और गांव स्तर पर बुनियादी ढांचे में सुधार करने में भी मदद मिली है।
राज्य में प्रतिदिन दूध संग्रहण में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिसे बल्क मिल्क कूलर की स्थापना और बेहतर लॉजिस्टिक्स व्यवस्था का समर्थन मिल रहा है।
विभाग का मानना है कि यह साझेदारी आने वाले समय में राज्य के डेयरी क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाएगी।



