
ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिहार सहकारिता विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। विभाग ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के माध्यम से जन औषधि केंद्र खोलने की योजना लागू की है, जिससे गांवों में आम लोगों को कम कीमत पर दवाएं मिल सकें।
विभाग द्वारा सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी के अनुसार, यह पहल रसायन और उर्वरक मंत्रालय के सहयोग से चलाई जा रही है। योजना के तहत प्रत्येक केंद्र पर 2,100 से अधिक दवाएं और 300 से अधिक सर्जिकल आइटम उपलब्ध कराए जाएंगे, जो बाजार मूल्य की तुलना में काफी सस्ते होंगे।
यह पहल तेजी से लोकप्रिय हो रही है। अब तक 56 पैक्स ने इस योजना के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 30 को लाइसेंस मिल चुका है और 29 केंद्रों ने काम करना शुरू भी कर दिया है।



