
सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने नई दिल्ली स्थित अटल अक्षय ऊर्जा भवन में राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के सहकारी समितियों के निबंधकों (आरसीएस) और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रमुख सहकारी पहलों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया। इसका उद्देश्य केंद्र और राज्यों/यूटी के बीच समन्वय को सुदृढ़ कर सुधारात्मक उपायों के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना रहा।
डॉ. भूटानी ने नीतियों और कार्यक्रमों के समयबद्ध कार्यान्वयन पर बल देते हुए अधिकारियों से परिणामोन्मुखी और समन्वित दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सहकारी सुधारों का लाभ जमीनी स्तर तक पहुँचना चाहिए, जिससे प्राथमिक समितियाँ सशक्त हों और समावेशी विकास को बढ़ावा मिले। “सहकार से समृद्धि” के विजन को दोहराते हुए उन्होंने पारदर्शिता, दक्षता और सदस्य-केन्द्रित कार्यप्रणाली पर विशेष जोर दिया।
बैठक में संरचनात्मक, डिजिटल और सुशासन संबंधी पहलों की समीक्षा की गई। नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने, निगरानी तंत्र को मजबूत करने तथा मंत्रालय और राज्यों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने पर चर्चा हुई। सहकारी संस्थाओं के समक्ष आने वाली परिचालन चुनौतियों और सेवा वितरण में सुधार के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में अतिरिक्त सचिव पंकज कुमार बंसल, संयुक्त सचिव आनंद कुमार झा, रमन कुमार और सिद्धार्थ जैन, निदेशक पंकज श्रीवास्तव, कपिल मीणा और कुमार राम कृष्ण सहित मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख सहकारी प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
समीक्षा बैठक के अंत में सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन, जवाबदेही बढ़ाने और निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने का सामूहिक संकल्प लिया गया, ताकि सहकारिता को देश के सामाजिक-आर्थिक विकास के एक सशक्त स्तंभ के रूप में और अधिक मजबूत बनाया जा सके।



