
मध्य प्रदेश में सहकारिता और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित पहली कृषि कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में कृषि विकास और सिंचाई परियोजनाओं के लिए कुल 27,500 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इनमें से 25,678 करोड़ रुपये किसान कल्याण योजनाओं के लिए मंजूर किए गए हैं। विशेष रूप से “सहकारी बैंकों को अंश पूंजी सहायता” योजना के तहत 1,975 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई, जिससे राज्य के सहकारी ऋण संस्थानों की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलेगी।
इसके अलावा किसानों को अल्पकालीन फसल ऋण पर ब्याज अनुदान देने के लिए 3,909 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसका बड़ा हिस्सा सहकारी बैंकों के माध्यम से वितरित किया जाएगा। सहकारी संस्थाओं के सुचारु संचालन के लिए 1,073 करोड़ रुपये तथा विभिन्न सहकारिता योजनाओं के लिए 1,229 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी गई।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि “किसान कल्याण वर्ष” के तहत राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में कृषि कैबिनेट की बैठकें आयोजित की जाएंगी।



