
केरल में सहकारी आंदोलन के दायरे को विमानन क्षेत्र तक विस्तारित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने केरलम सिविल एविएशन डेवलपमेंट को-ऑपरेटिव सोसाइटी को विमान सेवा शुरू करने के लिए सरकार की मंजूरी दिए जाने की घोषणा की है। इस पहल को भारत की पहली सहकारी क्षेत्र की एयरलाइन परियोजना के रूप में पेश किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कालीकट सिटी सर्विस को-ऑपरेटिव सोसाइटी के रजत जयंती समारोह को संबोधित करते हुए बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का नेतृत्व एमवीआर कैंसर सेंटर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के चेयरमैन सी.एन. विजयकृष्णन करेंगे। विजयकृष्णन की सफल सहकारी पहलों से जुड़ी एक टीम इस परियोजना को लागू करने में सहयोग करेगी।
प्रस्तावित एयरलाइन का नाम फिलहाल ‘को-केरलम’ रखा गया है। इसका उद्देश्य घरेलू हवाई यात्रा को किफायती बनाना है। शुरुआती योजना के तहत कोच्चि को परिचालन केंद्र बनाकर 72 सीटों वाले दो विमान लीज पर लेने का प्रस्ताव है।
ये विमान केरलम के कोझिकोड और कन्नूर के अलावा बेंगलुरु, मंगलुरु, चेन्नई, कोयंबटूर और मदुरै जैसे शहरों को जोड़ेंगे। प्रस्तावित हवाई किराया 3,500 रुपये से 7,000 रुपये के बीच रखने की योजना है। परिचालन बढ़ने के साथ विमानों की संख्या में भी विस्तार किया जाएगा।
परियोजना की शुरुआती वित्तीय योजना के तहत करीब 200 सहकारी संस्थाओं की भागीदारी प्रस्तावित है। प्रत्येक संस्था से 2 करोड़ रुपये के निवेश की परिकल्पना की गई है।
इस पहल से रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ-साथ विमानन प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
यह परियोजना सहकारी क्षेत्र के पारंपरिक कार्यक्षेत्र बैंकिंग, कृषि और ग्रामीण विकास से आगे बढ़कर विमानन जैसे पूंजी-प्रधान क्षेत्र में प्रवेश करने की एक बड़ी पहल है।
मुख्यमंत्री सतीशन ने इस अवसर पर जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा और सहकारी संस्थाओं में जनता का विश्वास मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने सहकारी संस्थाओं में भ्रष्टाचार और लोगों की जमा पूंजी के दुरुपयोग के खिलाफ चेतावनी भी दी।



