
भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) की 55वीं वार्षिक आम सभा (एजीएम) सोमवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित हुई, जिसमें महिला सशक्तिकरण, सहकारिता आंदोलन और सतत कृषि को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।
कार्यक्रम में देशभर से 850 से अधिक सहकारी नेता, सदस्य समितियों के प्रतिनिधि, किसान और अन्य हितधारक शामिल हुए।
भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने कहा कि इफको भारतीय सहकारिता आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को “अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष” घोषित किए जाने के संदर्भ में महिलाओं को सहकारिता से जोड़ना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
इस अवसर पर पहली बार इफको सहकारिता रत्न और सहकारिता बंधु पुरस्कार महिला हस्तियों को प्रदान किए गए। जम्मू-कश्मीर की शकीला अख्तर को वर्ष 2024-25 का “इफको सहकारिता रत्न पुरस्कार” 11 लाख रुपये की सम्मान राशि के साथ प्रदान किया गया। उन्हें महिला कृषि और सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इसके अलावा गुजरात की भावना गोंडलिया को वर्ष 2024-25 का “इफको सहकारिता बंधु पुरस्कार” 11 लाख रुपये की नकद राशि के साथ प्रदान किया गया। उन्हें कृषि क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण और सहकारिता आंदोलन में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए दिलीप संघाणी ने कहा कि सहकारी समितियों, किसानों और पेशेवर कर्मचारियों के सहयोग ने इफको को विश्व की अग्रणी सहकारी संस्थाओं में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि इफको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” विजन का वास्तविक उदाहरण है।
इफको के प्रबंध निदेशक के. जे. पटेल ने बताया कि संस्था ने वर्ष 2024-25 में 4,585 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। उन्होंने कर्मचारियों के लिए 490.65 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन की घोषणा की, जिसे अब तक का सबसे बड़ा प्रोत्साहन बताया गया। वहीं निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया है, जिसके लिए अतिरिक्त 140 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
एजीएम में नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने, छोटे एवं सीमांत किसानों को मजबूत करने और टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड, इफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस, कॉर्डेट, भारतीय किसान उर्वरक सहकारी विकास न्यास, इफको बाजार, इफको-एमसी और किसान रूरल फाइनेंस समेत विभिन्न पहलों और निवेशों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
कार्यक्रम ने “विकसित भारत” के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप आत्मनिर्भर और समृद्ध ग्रामीण भारत के निर्माण में सहकारिता क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को फिर से रेखांकित किया।



