
नेफकॉब ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर थे। इस अवसर पर सहकारिता मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), शहरी सहकारी बैंकों तथा सहकारी क्षेत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
अपने संबोधन में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद देश में सहकारी आंदोलन को नई गति मिली है।
उन्होंने कहा कि बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम में संशोधन, सहकारी बैंकों की आवास ऋण सीमा में वृद्धि तथा नई राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं की स्थापना जैसे अनेक महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। उन्होंने शहरी सहकारी बैंकों से डिजिटल बैंकिंग और नवाचार को अपनाकर वित्तीय समावेशन को और मजबूत करने का आह्वान किया।
नेफकॉब के अध्यक्ष लक्ष्मी दास ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय ने शहरी सहकारी बैंकों से जुड़े कई वर्षों से लंबित मुद्दों का समाधान किया है, जिससे इस क्षेत्र को नई दिशा और विश्वास मिला है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहरी सहकारी बैंकों में लगभग छह लाख करोड़ रुपये की जमा राशि है, जबकि देश का समूचा सहकारी ऋण तंत्र लगभग 20 लाख करोड़ रुपये का हो चुका है। यह सहकारी संस्थाओं के प्रति ग्राहकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल के सदस्य सतीश मराठे ने कहा कि शहरी सहकारी बैंकों को अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि जहां देश का बैंकिंग क्षेत्र प्रतिवर्ष 12 से 15 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, वहीं सहकारी बैंक केवल 4 से 5 प्रतिशत की दर से विस्तार कर रहे हैं।
सहकारिता मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव पंकज बंसल ने कहा कि देश के बैंकिंग क्षेत्र में शहरी सहकारी बैंकों की हिस्सेदारी अभी केवल लगभग तीन प्रतिशत है। उन्होंने बैंकों से आधुनिक तकनीक अपनाने, योग्यता के आधार पर पेशेवरों की नियुक्ति करने तथा बदलते समय के अनुरूप स्वयं को ढालने की अपील की।
सहकारिता मंत्रालय के निदेशक कुमार राम कृष्ण ने साइबर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए शहरी सहकारी बैंकों से भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4सी) के साथ एनयूसीएफडीसी के ‘उन्नति साइबर प्रोटेक्शन’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से जुड़ने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. के. के. त्रिपाठी ने कॉरपोरेट गवर्नेंस विषय पर विशेष प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर नेफकॉब के निदेशक मोहन पराशर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश दुआ, सुभाष गुप्ता, योगेश शर्मा सहित देशभर के अनेक शहरी सहकारी बैंकों के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नेफकॉब के विवेक गुप्ता ने किया।



