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एनसीयूआई: नाम वापसी के बाद तस्वीर साफ, 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित

भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ (एनसीयूआई) की गवर्निंग काउंसिल के चुनाव के लिए बुधवार को अंतिम प्रत्याशी सूची जारी होने के साथ ही चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। गवर्निंग काउंसिल की कुल 20 सीटों में से 10 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, जबकि शेष 10 सीटों के लिए पांच निर्वाचन क्षेत्रों में 18 जुलाई 2026 को मतदान होगा।

निर्विरोध निर्वाचित होने वाले उम्मीदवारों में प्रवीण दरेकर, जी.टी. देवगौड़ा, अगाड़ी अशोक, जी.एच. अमीन, सुनील कुमार, टी. प्रसाद डोरा, मेघनाद पाल, मुदित वर्मा, धनंजय सिंह और डी.एन. ठाकुर शामिल हैं।

राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश सहकारी संघों के निर्वाचन क्षेत्र की सात सीटों में से पांच पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। अब इस श्रेणी की शेष दो सीटों के लिए चुनाव होगा।

बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सहकारी संघों वाले निर्वाचन क्षेत्र में बिहार के विनय कुमार शाही और ओडिशा की प्रभासिनी सारंगी के बीच मुकाबला होगा।

वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों के सहकारी संघों वाले निर्वाचन क्षेत्र में सिक्किम के मंगल जीत राय और मणिपुर की जीना पोटसंगबाम आमने-सामने हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र में 18 मतदाता हैं, जिसके कारण यह मुकाबला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राष्ट्रीय स्तर की सहकारी समितियों और महासंघों के निर्वाचन क्षेत्र में पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें दिलीप संघानी, विशाल सिंह, मोहनभाई कुंडारिया, मीनेश शाह, बिपिन पटेल और दलीप सिंह यादव शामिल हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र में 16 मतदाता पांच विजेताओं का चयन करेंगे, ऐसे में एक उम्मीदवार का बाहर होना तय है और मुकाबला करीबी रहने की संभावना है।

राज्य शहरी सहकारी बैंक और क्रेडिट सोसाइटी महासंघों के निर्वाचन क्षेत्र में वरिष्ठ सहकारी नेता एच.के. पाटिल का मुकाबला सहकार भारती के नेता सुनील गुप्ता से होगा। इस निर्वाचन क्षेत्र में आठ सदस्यीय मतदाता मंडल है, ऐसे में प्रत्येक वोट महत्वपूर्ण होगा।

इस मुकाबले में एनयूसीएफडीसी के अध्यक्ष ज्योतिंद्र मेहता और महाराष्ट्र राज्य शहरी सहकारी बैंक महासंघ के प्रतिनिधि अजय बरमेचा जैसे प्रभावशाली मतदाताओं की भूमिका अहम मानी जा रही है।

पश्चिमी और दक्षिणी भारत के राज्य स्तरीय सहकारी महासंघों एवं संघों के निर्वाचन क्षेत्र में महाराष्ट्र राज्य सहकारी श्रम संघ के अध्यक्ष संजीव कुशलकर और पूर्व भाजपा सांसद तथा वरिष्ठ कर्नाटक सहकारी नेता अन्नासाहेब जोल्ले के बीच मुकाबला होगा।

इस निर्वाचन क्षेत्र में 22 मतदाता हैं। इनमें गुजरात के छह, कर्नाटक के चार और महाराष्ट्र के तीन मतदाता शामिल हैं, जबकि शेष मतदाता गोवा, ओडिशा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से हैं।

बहु-राज्य सहकारी समितियों के निर्वाचन क्षेत्र में भी रोचक मुकाबला देखने को मिलेगा। इस सीट के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें महाराष्ट्र भाजपा विधान परिषद सदस्य संजय भेंडे, नकुल कडू, सी.बी. जिस्सो, सुरेश वाबले, जी.आर. रविचंद्रन और जितेंद्र जैन शामिल हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 44 मतदाता मतदान करेंगे।

इस सीट पर मुकाबला पूर्व इफको निदेशक साधना जाधव और मध्य प्रदेश के सहकारी नेता अरुण तोमर द्वारा नामांकन वापस लेने के बाद और स्पष्ट हो गया है। सहकारी क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार, संजय भेंडे इस निर्वाचन क्षेत्र में मजबूत दावेदारों में शामिल माने जा रहे हैं।

गवर्निंग काउंसिल की आधी सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है और कई प्रमुख सहकारी नेता अब आमने-सामने के मुकाबले में हैं। ऐसे में सभी की नजरें अब 18 जुलाई पर टिकी हैं, जब शेष 10 सीटों के लिए मतदान के बाद एनसीयूआई की नई गवर्निंग काउंसिल का गठन पूरा हो जाएगा।

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