
महाराष्ट्र के कोपरगांव स्थित समता नागरी सहकारी पतसंस्था पर ज्योतिषी अशोक खरात प्रकरण के बाद उठे सवालों के बीच संस्था की 41वीं वार्षिक आमसभा में सदस्यों ने प्रबंधन पर मजबूत भरोसा जताया। कोपरगांव के स्वर्गीय यशवंतराव चव्हाण समता सहकार हॉल में आयोजित आमसभा में प्रस्तुत सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
सदस्यों ने हाथ उठाकर संस्था के नेतृत्व, पारदर्शिता और तकनीक आधारित बैंकिंग मॉडल में अपना विश्वास दोहराया। सभा को संबोधित करते हुए चेयरमैन काका कोयते ने कहा कि संस्था में जमा सभी धनराशि “100 प्रतिशत सुरक्षित” है और संस्था की चार दशकों की निरंतर प्रगति सदस्यों के विश्वास पर आधारित रही है।
उन्होंने कहा कि सदस्यों का भरोसा ही संस्था की सबसे बड़ी पूंजी है तथा समता आगे भी सुरक्षित, पारदर्शी और सदस्य-केंद्रित सेवाएं प्रदान करती रहेगी। उन्होंने सदस्यों से संस्था को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक दावों पर विश्वास न करने की अपील भी की।
सभा में प्रस्तुत वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार संस्था की कुल जमा राशि 1,128 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है, जबकि ऋण वितरण 824 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। संस्था का सुरक्षित निवेश 316 करोड़ रुपये तथा स्वर्ण ऋण 585 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष में संस्था ने 13 करोड़ रुपये का सकल लाभ दर्ज किया।
आमसभा की प्रमुख घोषणा में सदस्यों के लिए 15 प्रतिशत लाभांश का ऐलान किया गया। तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए लाभांश की राशि आमसभा समाप्त होते ही सीधे सदस्यों के बैंक खातों में जमा कर दी गई। सभा स्थल पर मोबाइल फोन पर एसएमएस अलर्ट आते ही सदस्यों ने तालियों के साथ इसका स्वागत किया।
संस्था के उपाध्यक्ष अरविंद पटेल ने समता को “सदस्यों के आशीर्वाद और विश्वास से निर्मित समृद्धि का खजाना” बताया। वहीं, कई सदस्यों और जमाकर्ताओं ने आमसभा के दौरान ही करोड़ों रुपये की नई जमा राशि की घोषणा कर संस्था की वित्तीय स्थिरता और प्रबंधन पर भरोसा जताया।
संस्था ने अपने 40वें स्थापना वर्ष समारोह के लिए लाभ आवंटन से 25 लाख रुपये का प्रावधान करने की भी घोषणा की। सितंबर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में सभी सदस्यों को उपहार देकर सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने समता की उन्नत डिजिटल पहलों की सराहना की, जिनमें वाउचरलेस सेल्फ-बैंकिंग लेनदेन और मिस्ड कॉल के माध्यम से ओटीपी आधारित नकद निकासी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन पहलों से पारदर्शिता, सेवा की गति और ग्राहकों की सुविधा में वृद्धि हुई है।



