
नेशनल फेडरेशन ऑफ टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्ट कोऑपरेटिव्स ऑफ इंडिया (एनएफटीसी) में चुनाव को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है और एक ताजा मामले में बोर्ड के पांच निर्वाचित निदेशकों ने संस्था के प्रबंध निदेशक को अपना त्याग पत्र भेजा है।
एनएफटीसी के निदेशक टीजी संजीव, केजी विनोद, बीजू पीएम, रवींद्रन एमआर समेत अन्य ने इस्तीफा भेजा है। बताया जा रहा है कि इन निदेशकों की सोसाइटी पंजीकृत भी नहीं है।
इसकी जांच के लिए भारतीय सहकारिता संवाददाता ने जब पुणे रजिस्ट्रार ऑफिस में बात की थी तो कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, “टीजी संजीव, बीजू पीएम, केजी विनोद और रवींद्रन एमआर से संबंधित सोसायटी हमारे यहां पंजीकृत नहीं हैं।”
दिलचस्प बात यह है कि यह निदेशक केरल के त्रिशूर के रहने वाले हैं, लेकिन उन्होंने कागजों में अपनी समिति का पता पुणे दिखाया है। इतना ही नहीं यह भी बताया जा रहा है कि उन्होंने मध्यस्थता की कार्रवाई से बचने के लिए अपना त्याग पत्र भेजा है।
उनके त्यागपत्र की प्रतियां भारतीय सहकारिता के पास हैं, लेकिन अभी इस बात की कोई पुष्टि नहीं है कि उन्हें स्वीकार किया गया है या नहीं।
पाठकों को याद होगा कि सेंट्रल रजिस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसायटी ने एनएफटीसी के चुनाव से जुड़े मामले को निपटाने के लिए आर्बिट्रेटर शमशेर सिंह को नियुक्त किया है। इस मामले पर दो सुनवाई पहले ही हो चुकी है और अगली 9 अगस्त 2022 यानी कल होगी। इस बीच, सूत्रों का दावा है कि एनएफटीसी का चुनाव जीतने के लिए, वर्तमान अध्यक्ष वीवीवीपी नायर ने पूर्व प्रबंध निदेशक संजय सिन्हा के साथ मिलकर अवैध तरीके से संस्था में सदस्य बनाए।
लेकिन, जैसे ही सिन्हा को महासंघ से निकाल दिया गया, उन्होंने वीवीपी नायर और एनएफटीसी के वर्तमान एमडी राम नरेश ठाकुर पर चुनाव में हेराफेरी का आरोप लगाया।
एनएफटीसी ने हाल ही में महाप्रबंधकों, प्रबंधकों, सहायक प्रबंधकों और फील्ड एक्जीक्यूटिव के पद भरने के लिए एक विज्ञापन जारी किया था और इन पदों के लिए कुल रिक्तियां 51,596 थीं। संस्था के एक निदेशक जलज ने कहा, बोर्ड के सदस्यों की मंजूरी के बिना, वीवीवीपी नायर और उनकी टीम ने मनमाने ढंग से रिक्तियों की घोषणा की।



