
नेशनल कोऑपरेटिव यूनियन ऑफ इंडिया (एनसीयूआई) ने मंगलवार को मॉरीशस गणराज्य के एक उच्चस्तरीय मंत्रीमंडलीय प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की। इस अवसर पर भारत के सहकारी विकास मॉडल को साझा करने और वैश्विक सहकारी साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एनसीयूआई की भूमिका को रेखांकित किया गया।
मॉरीशस के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्योग, लघु एवं मध्यम उद्यम (एसएमई) तथा सहकारिता मंत्री सैयद मोहम्मद आदिल आमिर मीया ने किया। प्रतिनिधिमंडल में स्थायी सचिव राज किशोर बुंजुन तथा सलाहकार मोहम्मद ज़हीर अरशाद हैदा शामिल थे। उनके साथ एशियन एंड अफ्रीकन रूरल डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन के महासचिव डॉ. मनोज नारदेवसिंह तथा अनुसंधान प्रभाग के प्रमुख एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. खुशनूद अली भी उपस्थित थे।
एनसीयूआई के मुख्य कार्यकारी पंकज श्रीवास्तव ने प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक स्वागत करते हुए उन्हें शॉल और स्मृति-चिह्न भेंट किए तथा एनसीयूआई के वरिष्ठ अधिकारियों से उनका परिचय कराया।
अपने संबोधन में श्रीवास्तव ने भारत के सहकारी आंदोलन को सशक्त बनाने में एनसीयूआई की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के तहत सहकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू की गई विभिन्न परिवर्तनकारी पहलों की जानकारी देते हुए कहा कि इनका उद्देश्य जमीनी स्तर से सहकारी संस्थाओं को सशक्त, प्रतिस्पर्धी, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-सक्षम बनाना है।
एनसीयूआई के कार्यकारी निदेशक रितेश डे ने एक विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से भारत के सहकारी क्षेत्र की उपलब्धियों, हालिया नीतिगत सुधारों, डिजिटल पहलों तथा क्षमता निर्माण, शिक्षा, वकालत (एडवोकेसी) और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में एनसीयूआई की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सहकारिता क्षेत्र में किए गए सुधार ग्रामीण विकास और समावेशी आर्थिक वृद्धि के नए अवसर सृजित कर रहे हैं।
मॉरीशस के मंत्री मीया ने अपने देश में सहकारी क्षेत्र के आधुनिकीकरण और मॉरीशस को सेवा-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने भारत के सहकारी अनुभव से सीखने और एनसीयूआई के साथ संस्थागत सहयोग को और मजबूत करने में गहरी रुचि व्यक्त की।
एएआरडीओ के महासचिव डॉ. मनोज नारदेवसिंह ने विकासशील देशों में सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और संस्थागत नेटवर्किंग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने वैश्विक सहकारी संवाद और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने में एनसीयूआई की भूमिका की सराहना की।
कार्यक्रम का समापन एनसीयूआई की निदेशक संध्या कपूर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।



