ताजा खबरें

कानूनी अनिश्चितता के बीच फिस्कोफेड चुनाव संपन्न, लोनारे जीते

नेशनल फेडरेशन ऑफ फिशर्स’ कोऑपरेटिव लिमिटेड (फिशकॉफेड) के निदेशक मंडल के चुनाव की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। इस चुनाव में केवल पश्चिमी क्षेत्र की एक सीट पर मतदान हुआ, जबकि शेष सभी सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए। पश्चिमी क्षेत्र से महाराष्ट्र के सहकारिता नेता प्रकाश लोनारे ने नागपुर के प्रेमकुमार गजभारे को हराकर निदेशक मंडल में जगह बनाई।

भारतीय सहकारिता से बातचीत में लोनारे ने अपनी जीत की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें 15 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को केवल दो मत मिले।

भारतीय सहकारिता को उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिशकॉफेड के 14 सदस्यीय निदेशक मंडल में 10 निर्वाचित निदेशक हैं, जबकि चार पद रिक्त रह गए। इनमें उत्तर, मध्य और दक्षिण क्षेत्र की एक-एक सीट संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों से कोई नामांकन प्राप्त नहीं होने के कारण रिक्त रह गई।

कॉरपोरेशन निर्वाचन क्षेत्र की दो सीटों में से एक पर नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनसीडीसी) के मनोज कुमार निर्विरोध निर्वाचित हुए, क्योंकि इस निर्वाचन क्षेत्र में एनसीडीसी ही एकमात्र पात्र सदस्य था। दूसरी सीट रिक्त रही। इसके अतिरिक्त, मत्स्य पालन मंत्रालय के सरकारी नामित प्रतिनिधि के लिए आरक्षित एक पद पर 18 जुलाई, 2026 तक नामांकन किए जाने की संभावना है।

केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के अधीन सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण (सीईए) द्वारा जारी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव परिणामों की औपचारिक घोषणा 18 जुलाई, 2026 तक की जानी है।

इस बीच, चुनाव प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम के कारण चर्चा में आ गई है। एकल मध्यस्थ (सोल आर्बिट्रेटर) कल्याण सहाय मीणा (सेवानिवृत्त आईएएस) ने अपने एक ऐतिहासिक मध्यस्थता निर्णय में 2021 के फिशकॉफेड चुनाव को विधिसम्मत नहीं ठहराते हुए बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के अनुरूप नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश दिया है।

हालांकि, उल्लेखनीय है कि मध्यस्थता का यह निर्णय आने से पहले ही सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण वर्तमान चुनाव कार्यक्रम अधिसूचित कर चुका था।

ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि मध्यस्थ के निर्देशों पर सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण क्या रुख अपनाता है और क्या इस निर्णय का चुनाव परिणामों की घोषणा अथवा नव-निर्वाचित निदेशक मंडल की वैधता पर कोई प्रभाव पड़ता है।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close