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तीन सहकारी बैंकों पर आरबीआई ने लगाया दिशा-निर्देश

भारतीय रिजर्व बैंक ने तीन बैंकों पर दिशा-निर्देश जारी किये हैं। इनमें नासिक जिला गिरना सहकारी बैंक लिमिटेड, रायगड सहकारी बैंक लिमिटेड और मल्लिकार्जुन पटाना सहकारी बैंक नियमित का नाम शामिल हैं।

आरबीआई ने दिनांक 15 जुलाई 2022 को नासिक जिला गिरना सहकारी बैंक लिमिटेड, नासिक को कतिपय निदेश जारी किए हैं, जिनके अनुसार 18 जुलाई 2022 को कारोबार की समाप्ति से उपर्युक्‍त बैंक, भारतीय रिज़र्व बैंक से लिखित रूप में पूर्व अनुमति लिए बिना कोई भी ऋण और अग्रिम मंजूर या उसका नवीनीकरण नहीं करेगा, कोई निवेश नहीं करेगा, निधियाँ उधार लेने और नई जमाराशियाँ स्‍वीकार करने सहित अपने ऊपर कोई भी देयता नहीं लेगा, कोई भुगतान नहीं करेगा और न ही भुगतान करने के लिए सहमत होगा भले ही, भुगतान उसकी देनदारियों और दायित्‍वों के निर्वहन से या अन्‍यथा संबंधित क्‍यों न हो, कोई समझौता या इस तरह की कोई व्‍यवस्‍था नहीं करेगा और अपनी किसी भी संपत्ति या आस्ति को न तो बेचेगा, न अंतरित करेगा या अन्‍यथा उसका निपटान करेगा।

रायगड सहकारी बैंक लिमिटेड के संदर्भ में आरबीआई ने कहा कि विशेष रूप से, सभी बचत बैंक या चालू खातों या जमाकर्ता के किसी अन्य खाते में कुल शेष राशि में से 15,000/- (पन्द्रह हजार रुपये मात्र) तक की राशि को आरबीआई उपरोक्त निदेशों में उल्लिखित शर्तों के अधीन निकालने की अनुमति दी जा सकती है।

इन तीन बैंकों पर आरबीआई द्वारा उपरोक्त निदेशों को जारी करने का यह अर्थ नहीं लगाया जाना चाहिए कि आरबीआई द्वारा बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया गया है।

यह बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक प्रतिबंधों के साथ बैंकिंग कारोबार करना जारी रखेगा। रिज़र्व बैंक परिस्थितियों के आधार पर इन निदेशों में संशोधन करने पर विचार कर सकता है।

ये निदेश 18 जुलाई 2022 को कारोबार की समाप्ति से छह महीने की अवधि के लिए लागू रहेंगे और ये समीक्षाधीन होंगे।

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