
ओमान इंडिया फर्टिलाइजर कंपनी (ओमफिको) अब मस्कट स्टॉक एक्सचेंज (एमएसएक्स) में सूचीबद्ध हो गई है। ओमफिको की यह उपलब्धि भारतीय सहकारी क्षेत्र की प्रमुख संस्थाओं भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) और कृभको के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। साथ ही, यह भारत और ओमान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत आर्थिक संबंधों को और मजबूती प्रदान करेगी।
इफको के अध्यक्ष दिलीप संघानी ने कहा कि ओमफिको का सार्वजनिक कंपनी के रूप में बदलाव केवल एक कॉर्पोरेट उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह कंपनी के विकास के एक नए चरण की शुरुआत है।
संघानी ने कहा कि कंपनी की शेयर बाजार में सूचीबद्धता बेहतर प्रशासन, अधिक पारदर्शिता और सतत दीर्घकालिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे कंपनी की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सूचीबद्ध होने के बाद ओमफिको का स्वामित्व अब केवल संस्थापक साझेदारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें ओमान के नागरिकों और वैश्विक निवेशकों की भी भागीदारी होगी।
मस्कट स्टॉक एक्सचेंज में आयोजित सूचीबद्धता समारोह में भारत के ओमान में राजदूत प्रशांत पिसे, ओमफिको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अहमद अल मरहूबी सहित भारत और ओमान के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इफको के प्रबंध निदेशक के. जे. पटेल ने कहा कि ओमफिको की सार्वजनिक सूचीबद्धता उर्वरक क्षेत्र में भारत-ओमान की सफल साझेदारी की मजबूती को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इफको को गर्व है कि उसने कृभको के साथ मिलकर ओमफिको को खाड़ी क्षेत्र की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित अमोनिया एवं यूरिया उत्पादन इकाइयों में से एक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पटेल ने कहा कि इफको और कृभको ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सतत विकास के माध्यम से दीर्घकालिक मूल्य सृजन करते हुए उर्वरकों की भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम किया है।
उन्होंने कहा कि ओमफिको की सूचीबद्धता भारतीय सहकारी संस्थाओं की बढ़ती वैश्विक पहचान को दर्शाती है। इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा, कंपनी का मूल्य मजबूत होगा और वैश्विक उर्वरक क्षेत्र में ओमफिको की स्थिति और सुदृढ़ होगी। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए ओमान के लोगों, कंपनी के साझेदारों, कर्मचारियों और सभी हितधारकों को बधाई दी।
इफको और कृभको इस संयुक्त उद्यम में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखते हैं। पिछले दो दशकों से अधिक समय से ओमफिको भारत की उर्वरक सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
ओमफिको के आईपीओ में कंपनी की कुल शेयर पूंजी का 25 प्रतिशत हिस्सा बिक्री के लिए पेश किया गया था। इस निर्गम को निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला। ओमान के वित्तीय सेवा प्राधिकरण के अनुसार, आईपीओ में 4.69 अरब ओमानी रियाल की मांग दर्ज की गई और यह कुल मिलाकर 18 गुना अधिक सब्सक्राइब हुआ, जो कंपनी के भविष्य की संभावनाओं पर बाजार के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।



