
उदयपुर (राजस्थान) महिला समृद्धि अर्बन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त एवं विकास निगम (एनयूसीएफडीसी) द्वारा विकसित डिजिटल ऋण मंच ‘सहकार डिजीलोन’ पर अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। इसके साथ ही यह सेवा शुरू करने वाला देश का पहला शहरी सहकारी बैंक बन गया है।
बैंक की हाल ही में आयोजित 32वीं वार्षिक आम सभा में मुख्य अतिथि पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने ‘सहकार डिजीलोन’ मंच का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह पहल ऋण वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाएगी।
उन्होंने कहा कि इस मंच के माध्यम से ग्राहकों को बिना अनावश्यक कागजी कार्रवाई के सरल और सुविधाजनक तरीके से ऋण मिल सकेगा। राज्यपाल ने बैंक से महिला उद्यमियों, लघु उद्योगों और सूक्ष्म उद्यमों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने का आह्वान किया, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर देश की आर्थिक प्रगति में योगदान दे सकें।
इस अवसर पर बैंक की अध्यक्ष डॉ. किरण जैन ने वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि बैंक की जमा राशि बढ़कर 152 करोड़ रुपये हो गई है, जबकि ऋण वितरण 64.45 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके साथ ही बैंक का कुल कारोबार 217 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि बैंक ने लगातार शून्य शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (नेट एनपीए) बनाए रखी है, जो उसकी मजबूत वित्तीय स्थिति और बेहतर ऋण प्रबंधन का प्रमाण है।
बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद छापलोट ने बताया कि वर्ष के दौरान शेयर पूंजी, आरक्षित निधि, जमा राशि और कार्यशील पूंजी सहित सभी प्रमुख वित्तीय मानकों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। बैंक की शेयर पूंजी 4.33 करोड़ रुपये रही।
उन्होंने बताया कि ‘सहकार डिजीलोन’ मंच के माध्यम से गृह ऋण, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) ऋण, स्वर्ण ऋण, व्यक्तिगत ऋण, वाहन ऋण और संपत्ति के बदले ऋण सहित सात प्रमुख ऋण सेवाएं पूरी तरह डिजिटल एवं कागजरहित प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध होंगी। इससे ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया तेज होगी और ग्राहकों को बेहतर बैंकिंग अनुभव मिलेगा।
वार्षिक आम सभा के दौरान बैंक ने उत्कृष्ट बैंकिंग संबंध बनाए रखने वाले ग्राहकों के साथ-साथ वार्षिक लक्ष्य हासिल करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सम्मानित किया।



