
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय समन्वय समिति (एसएलसीसी) की 21वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में बहु-राज्यीय सहकारी समितियों से संबंधित शिकायतों, वित्तीय धोखाधड़ी तथा अनधिकृत वित्तीय गतिविधियों की रोकथाम पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने बहु-राज्यीय सहकारी समितियों से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को आरबीआई के ‘सचेत’ पोर्टल पर प्राप्त मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि फर्जी वित्तीय संस्थाओं और अनधिकृत निवेश योजनाओं से जुड़े आर्थिक एवं साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। इसके लिए संबंधित एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में निवेशकों और आम जनता को जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी संस्था में निवेश करने से पहले उसकी प्रामाणिकता और नियामकीय मान्यता की जांच अवश्य की जानी चाहिए। इससे जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा होगी और वित्तीय धोखाधड़ी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।



