
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि जालना जिले के सहकारी बैंकों को फर्जी वेयरहाउस रसीदों के आधार पर ऋण मंजूर किए जाने के कारण 61.36 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मोतीराम अग्रवाल जालना मर्चेंट्स कोऑपरेटिव बैंक को फर्जी वेयरहाउस रसीदों के आधार पर स्वीकृत ऋणों के कारण 53.24 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि पूर्णावाड़ी नागरिक सहकारी बैंक को इसी प्रकार की धोखाधड़ी में 8.12 करोड़ रुपये की चपत लगी।
जांच में यह भी सामने आया कि जिन लोगों के नाम पर ऋण स्वीकृत किए गए, उन्हें दस्तावेजों में किसान दर्शाया गया था, जबकि उनमें से कई वास्तव में मजदूर, चालक तथा अन्य दिहाड़ी श्रमिक थे।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि मोतीराम अग्रवाल जालना मर्चेंट्स कोऑपरेटिव बैंक की अंबड शाखा में एक अलग मामले में बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर गिरवी रखे गए 96.41 लाख रुपये मूल्य के सोने का गबन करने तथा उसकी जगह नकली सोना रखने का आरोप है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन सभी मामलों में चिन्हित सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही 8.15 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं। वेयरहाउस रसीद घोटाले की जांच जालना आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा की जा रही है।



