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छोटे ऋणों में पुनर्भुगतान की दर अच्छी: शाह

गुजरात के एक सहकारी बैंक के अध्यक्ष के रूप में अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि छोटे ऋणों में पुनर्भुगतान की दर बेहद मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि सामान्य और कम आय वर्ग के ऋणग्राही अपने वित्तीय दायित्वों को पूरा करने के प्रति अधिक ईमानदार रहते हैं।

शाह ने बताया कि उनके बैंक ने बिना किसी जमानत के ढाई लाख रुपये तक के ऋण देने की योजना शुरू की थी। यह योजना आज भी जारी है और अब इसकी ऋण सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत वितरित की गई लगभग पूरी ऋण राशि ब्याज सहित वापस प्राप्त हुई है। केवल कुछ अपवादात्मक मामलों में ही ऋण का पुनर्भुगतान नहीं हो सका, जिनमें कुछ मामले ऋणग्राहियों की मृत्यु से जुड़े थे।

उन्होंने कहा कि इस अनुभव से स्पष्ट होता है कि ऋण की राशि जितनी छोटी होती है, उसकी वसूली उतनी ही बेहतर होती है, जो छोटे ऋणग्राहियों के मजबूत वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है।

सहकारी आंदोलन की ताकत पर जोर देते हुए शाह ने कहा कि छोटे-छोटे संसाधनों को एकजुट कर बड़ी आर्थिक शक्ति में बदलना ही सहकारिता की मूल ताकत है।

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