
आंध्र प्रदेश राज्य सहकारी बैंक (एप्कोब) ने अपने 63वें स्थापना दिवस के अवसर पर सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाने और राज्य में ग्रामीण ऋण वितरण को मजबूत करने के उद्देश्य से कई तकनीक आधारित पहलों का शुभारंभ किया।
विजयवाड़ा स्थित एप्कोब मुख्यालय में आयोजित समारोह में सहकारिता आयुक्त एवं सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार बाबू ए., आईएएस, भारतीय रिजर्व बैंक के आंध्र प्रदेश क्षेत्रीय निदेशक ए. उमर बशीर, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सोमाइंदर सिंह, एप्कोब के अध्यक्ष गन्नी वीरांजनेयुलु, प्रबंध निदेशक आर.वी. रामकृष्ण, बोर्ड सदस्य, जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पैक्स प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए एप्कोब के प्रबंध निदेशक आर.वी. रामकृष्ण ने बैंक की छह दशक लंबी यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एप्कोब ने वित्तीय समावेशन, तकनीक को अपनाने, बेहतर प्रशासन और किसानों, स्वयं सहायता समूहों तथा सहकारी संस्थाओं को समय पर ऋण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
समारोह में कई डिजिटल पहलों का शुभारंभ किया गया। भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक ए. उमर बशीर ने लोन ओरिजिनेशन सिस्टम (एलओएस) और सहकारी विकास कोष (सीडीएफ) पर एक प्रकाशन का उद्घाटन किया। वहीं नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सोमाइंदर सिंह ने ‘कोऑपरेटिव स्पेक्ट्रम 2025-26’ जारी किया, जिसमें वित्त वर्ष के दौरान एप्कोब की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया है।
एप्कोब के अध्यक्ष गन्नी वीरांजनेयुलु ने जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के साथ कंसोर्टियम लेंडिंग समझौता (एमओयू) भी लॉन्च किया। इस पहल से बड़े मूल्य वाली परियोजनाओं के लिए समन्वित वित्तपोषण, संसाधनों के बेहतर उपयोग और सहकारी बैंकिंग नेटवर्क की ऋण क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्य अतिथि बाबू ए., आईएएस ने एप्कोब को 63 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी और सहकारी मूल्यों को बनाए रखते हुए डिजिटल बदलाव की दिशा में बैंक के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से क्षेत्रीय प्रसंस्करण केंद्रों (आरपीसी) और एसटी डैशबोर्ड का भी उद्घाटन किया। उन्होंने इन्हें परिचालन दक्षता, डेटा आधारित प्रशासन और बेहतर ग्राहक सेवा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
समारोह में एप्कोब के 63 वर्षों के योगदान तथा आंध्र प्रदेश के सहकारी आंदोलन और ग्रामीण विकास की यात्रा को दर्शाती लाइव थीम आधारित सैंड आर्ट प्रस्तुति भी दी गई।



