ताजा खबरें

एनसीयूआई: 150 प्रतिनिधियों के नाम घोषित, 25 जून को जारी होगी अंतिम सूची

भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ (एनसीयूआई) के 15 जुलाई, 2026 को होने वाले गवर्निंग काउंसिल चुनाव के लिए सदस्य संस्थाओं और उनके प्रतिनिधियों की अनंतिम सूची मंगलवार शाम जारी कर दी गई। लगभग 347 सदस्य संस्थाओं में से करीब 150 संस्थाओं को चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पात्र घोषित किया गया है। हालांकि, यह अभी अनंतिम सूची है। अंतिम सूची 25 जून को जारी की जाएगी।

अनंतिम सूची में सहकारिता क्षेत्र के कई प्रमुख नेताओं के नाम शामिल हैं। इनमें दिलीप संघाणी, चंद्रपाल सिंह यादव, ज्योतिंद्र मेहता, जी.एच. अमीन, मोहन कुंदरिया, मीनेश शाह, एच.के. पाटिल, बिपिन पटेल, प्रवीण दरेकर, डी.एन. ठाकुर, राम इकबाल सिंह, अजय पटेल, अन्नासाहेब जोल्ले, विशाल सिंह, मुदित वर्मा, बलवीर सिंह, मंगलजीत राय, जीन पोटसांगबाम, संजीव कुसलकर, प्रसाद डोरा, सिशपाल सिंह और अशोक डाबस शामिल हैं।

वहीं, निवर्तमान उपाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह का नाम सूची में नहीं है। इनके अलावा, बिस्कोमान के पूर्व अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह भी प्रतिनिधियों की सूची में जगह नहीं बना सके हैं। उल्लेखनीय है कि एनसीयूआई की गवर्निंग काउंसिल में पहले कृभको का प्रतिनिधित्व करने वाले चंद्रपाल सिंह यादव इस बार उत्तर प्रदेश की बुंदेलखंड कृषि उत्पादन विपणन सहकारी समिति के प्रतिनिधि के रूप में सामने आए हैं।

सूत्रों के अनुसार लगभग 220 प्रतिनिधियों के नामांकन प्राप्त हुए थे, लेकिन उपस्थिति संबंधी शर्तें पूरी नहीं करने तथा कुछ मामलों में सदस्यता शुल्क जमा न होने के कारण बड़ी संख्या में नामांकन अपात्र घोषित कर दिए गए। इसके परिणामस्वरूप करीब 150 प्रतिनिधियों को ही अनंतिम सूची में स्थान मिल पाया है।

ग्रुप-1 में राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश सहकारी संघों की सात सीटों पर चुनाव होना है। दिल्ली राज्य सहकारी संघ के सुनील खत्री और गुजरात राज्य सहकारी संघ के जी.एच. अमीन के निर्विरोध चुने जाने की संभावना जताई जा रही है, जबकि अन्य सीटों पर मुकाबला देखने को मिल सकता है।

ग्रुप-2 में राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्थाओं और महासंघों का प्रतिनिधित्व करने वाली पांच सीटों के लिए दिलीप संघाणी, मोहन कुंदरिया, एच.के. पाटिल, बिपिन पटेल, मीनेश शाह, विशाल सिंह और अजय पटेल जैसे दिग्गज मैदान में हैं। हालांकि, अभी इन सीटों पर किसी तरह का चुनावी गणित लगाना जल्दबाजी होगी।

ग्रुप-3 में कुछ श्रेणियों में सर्वसम्मति की संभावना है, जबकि कुछ सीटों पर प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। वहीं, बहु-राज्यीय सहकारी समितियों का प्रतिनिधित्व करने वाला ग्रुप-4 सबसे अधिक चर्चित रहने की संभावना है। इस वर्ग में अशोक डाबस, गुरप्रताप सिंह, चंद्रपाल सिंह यादव, डी.एन. ठाकुर, नंदिनी आजाद, साधना जाधव, अरुण सिंह तोमर और मंगीलाल डांगा जैसे अनुभवी सहकारी नेताओं के नाम सूची में शामिल हैं।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close