
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शहरी सहकारी बैंकों और ग्रामीण सहकारी बैंकों के लिए बड़े गवर्नेंस और रिस्क मैनेजमेंट सुधारों का प्रस्ताव रखा है। मसौदा दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी सहकारी बैंकों को स्वतंत्र कम्प्लायंस और इंटरनल ऑडिट फंक्शन स्थापित करने होंगे। इनका नेतृत्व मुख्य अनुपालन अधिकारी (सीसीओ) और इंटरनल ऑडिट प्रमुख (एचआईए) करेंगे।
इसके अलावा, 5,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक परिसंपत्तियों वाले सहकारी बैंकों के लिए मुख्य जोखिम अधिकारी (सीआरओ) के नेतृत्व में स्वतंत्र रिस्क मैनेजमेंट फंक्शन स्थापित करना अनिवार्य होगा।
आरबीआई ने प्रस्तावित किया है कि रिस्क मैनेजमेंट, कम्प्लायंस और इंटरनल ऑडिट विभाग पूरी तरह स्वतंत्र रूप से कार्य करें तथा उनका किसी भी बिजनेस टार्गेट या रेवेन्यू जनरेशन गतिविधि से कोई संबंध न हो। इन अधिकारियों को बैंक के सभी विभागों और रिकॉर्ड्स तक निर्बाध पहुंच भी प्रदान की जाएगी।
मसौदे के अनुसार, मुख्य जोखिम अधिकारी, मुख्य अनुपालन अधिकारी और इंटरनल ऑडिट प्रमुख कार्यात्मक रूप से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स अथवा संबंधित बोर्ड समिति को रिपोर्ट करेंगे, जबकि प्रशासनिक रूप से वे प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी एवं सीईओ) को रिपोर्ट करेंगे। उन्हें प्रत्येक तिमाही में कम से कम एक बार वरिष्ठ प्रबंधन की अनुपस्थिति में बोर्ड के साथ बैठक भी करनी होगी।
आरबीआई ने इन पदों के लिए न्यूनतम तीन वर्ष का निश्चित कार्यकाल प्रस्तावित किया है। कार्यकाल समाप्त होने से पहले किसी भी ट्रांसफर या हटाने के लिए बोर्ड की मंजूरी आवश्यक होगी।
केंद्रीय बैंक ने रिस्क बेस्ड इंटरनल ऑडिट (आरबीआईए) फ्रेमवर्क लागू करने का भी प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत ऑडिट का फोकस रिस्क लेवल, मटेरियलिटी, सिस्टमिक महत्व और सुपरवाइजरी चिंताओं के आधार पर तय किया जाएगा।
एक अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान के तहत, सहकारी बैंकों को एमडी एवं सीईओ की नियुक्ति अथवा पुनर्नियुक्ति के लिए मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने से कम से कम चार महीने पहले प्रवाह पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा।
आरबीआई ने यह भी दोहराया है कि शहरी सहकारी बैंकों में एमडी एवं सीईओ की नियुक्ति, पुनर्नियुक्ति तथा सेवा समाप्ति के लिए बैंकिंग विनियमन अधिनियम के तहत पूर्व स्वीकृति आवश्यक होगी।
फिलहाल ये मसौदा दिशानिर्देश सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए जारी किए गए हैं और अंतिम रूप दिए जाने के बाद लागू होंगे।



