
मुंबई स्थित एनकेजीएसबी को-ऑपरेटिव बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में अच्छा प्रदर्शन किया है। बैंक ने शुद्ध लाभ में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो बढ़कर 34.51 करोड़ रुपये हो गया है। उक्त वित्त वर्ष में बैंक ने एसेट क्वालिटी में उल्लेखनीय सुधार किया और आने वाले समय में नई शाखाएं खोलने की भी घोषणा की है।
बैंक की चेयरपर्सन सीए हिमांगी नाडकर्णी ने पिछले सप्ताह मुंबई में आयोजित बैंक की 109वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में वित्तीय परिणामों की जानकारी दी।
31 मार्च 2026 तक बैंक का कुल कारोबार 14,700 करोड़ रुपये के पार हो गया। इस दौरान बैंक की कुल जमा (डिपॉजिट) बढ़कर 8,726 करोड़ रुपये और ऋण (एडवांसेज) 5,981 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। बैंक का कासा अनुपात भी पिछले वित्त वर्ष के 24.84 प्रतिशत से बढ़कर 26.20 प्रतिशत हो गया। वहीं, पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीआरएआर) 13.24 प्रतिशत से बढ़कर 13.90 प्रतिशत पर पहुंच गया।
वित्त वर्ष के दौरान बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। ग्रॉस एनपीए घटकर 4.12 प्रतिशत रह गया, जबकि नेट एनपीए एक वर्ष पहले के 1.13 प्रतिशत से घटकर मात्र 0.13 प्रतिशत पर आ गया।
प्रोविजन कवरेज रेशियो (पीसीआर) भी वित्त वर्ष 2024-25 के 77.08 प्रतिशत से बढ़कर 96.01 प्रतिशत हो गया।
एजीएम को संबोधित करते हुए चेयरपर्सन हिमांगी नाडकर्णी ने बैंक के बेहतर प्रदर्शन का श्रेय अनुशासित लागत प्रबंधन, विवेकपूर्ण ऋण वितरण नीति और केंद्रित व्यवसाय विकास रणनीति को दिया।
उन्होंने बैंक के इंटीग्रेटेड ट्रेजरी डिवीजन की भी सराहना करते हुए कहा कि उसने सक्रिय ट्रेजरी रणनीतियों के माध्यम से बाजार की अस्थिरता का प्रभावी ढंग से प्रबंधन किया तथा मार्क-टू-मार्केट (एमटीएम) जोखिमों को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया।
भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए नाडकर्णी ने कहा कि एनकेजीएसबी बैंक ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक दोनों प्रकार के विकास अवसरों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
बैंक नई शाखाएं खोलकर अपने मौजूदा 104 शाखाओं के नेटवर्क का विस्तार करेगा। साथ ही, बाजार में अपनी उपस्थिति और ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने के लिए उपयुक्त विलय और अधिग्रहणके अवसरों का भी मूल्यांकन करेगा।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बैंक की प्रमुख रणनीतिक प्राथमिकताओं में डिजिटल बैंकिंग को गति देना, डेटा एनालिटिक्स का अधिक उपयोग करना, उच्च परिसंपत्ति गुणवत्ता बनाए रखना तथा ग्राहकों के अनुभव को और बेहतर बनाना शामिल होगा।



