ताजा खबरें

आरबीआई ने यशवंत सहकारी बैंक का लाइसेंस किया रद्द

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (बीआर अधिनियम) की धारा 56 के साथ पठित धारा 22 के अंतर्गत दिनांक 18 मई 2026 के आदेश द्वारा “दि यशवंत को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, फलटण” का लाइसेंस रद्द कर दिया है।

परिणामस्वरूप, बैंक 19 मई 2026 को कारोबार की समाप्ति के बाद बैंकिंग कारोबार नहीं कर सकेगा। सहकारिता आयुक्त और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार, महाराष्ट्र से भी अनुरोध किया गया है कि वे बैंक का समापन करने तथा बैंक के लिए एक परिसमापक नियुक्त करने का आदेश जारी करें।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने निम्न कारणों से बैंक का लाइसेंस रद्द किया है। बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और आय की संभावनाएं नहीं हैं। इस प्रकार, यह बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 11(1) और 22(3)(डी) के प्रावधानों का अनुपालन नहीं करता है।

इसके अलावा, बैंक बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धाराओं 22(3)(ए), 22(3)(बी), 22(3)(सी), 22(3)(डी) और 22(3)(ई) की अपेक्षाओं के अनुपालन में विफल रहा है। साथ ही, बैंक का बने रहना उसके जमाकर्ताओं के हितों के प्रतिकूल है।

बैंक अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति में अपने जमाकर्ताओं को पूर्ण रूप से भुगतान करने में असमर्थ होगा। यदि बैंक को अपने बैंकिंग कारोबार को जारी रखने की अनुमति दी जाती है, तो जनहित प्रतिकूल रूप से प्रभावित होगा।

लाइसेंस रद्द होने के परिणामस्वरूप, “दि यशवंत को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, फलटण” को तत्काल प्रभाव से बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 5(बी) में यथापरिभाषित ‘बैंकिंग’ कारोबार करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसमें अन्य बातों के साथ-साथ जमाराशियों को स्वीकार करना और जमाराशियों की चुकौती करना शामिल है।

परिसमापन के बाद, प्रत्येक जमाकर्ता, डीआईसीजीसी अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अधीन, नि‍क्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम से 5,00,000 (पांच लाख रुपये) तक की जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा।

बैंक द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, सर्व समावेशी निदेश लागू होने तक लगभग 99.02% जमाकर्ता डीआईसीजीसी से अपनी पूरी जमा राशि प्राप्त करने के पात्र थे।

20 अप्रैल 2026 तक, डीआईसीजीसी ने बैंक के संबंधित जमाकर्ताओं से प्राप्त सहमति के आधार पर डीआईसीजीसी अधिनियम, 1961 की धारा 18ए के प्रावधानों के अंतर्गत कुल बीमाकृत जमाराशि में से 106.96 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया है।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close