
भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत दो सहकारी बैंकों पर जारी निर्देशों की अवधि बढ़ा दी है।
लोकपावनी महिला सहकारी बैंक नियामिता, मंड्या (कर्नाटक) और सोनपेठ नागरी सहकारी बैंक मर्यादित, सोनपेठ (जिला परभणी, महाराष्ट्र) को पहले 29 जुलाई 2025 से छह माह की अवधि के लिए इन निर्देशों के तहत रखा गया था, जो 30 जनवरी 2026 को कार्यदिवस की समाप्ति तक प्रभावी थे।
आरबीआई ने जनहित को ध्यान में रखते हुए इन निर्देशों की अवधि को अतिरिक्त तीन माह के लिए, अर्थात् 30 अप्रैल 2026 तक, समीक्षा के अधीन बढ़ाने का निर्णय लिया है।
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों की अवधि बढ़ाने का यह निर्णय बैंकों की वित्तीय स्थिति से संतुष्टि को नहीं दर्शाता। साथ ही, पहले जारी किए गए निर्देशों की अन्य सभी शर्तें यथावत लागू रहेंगी।



