
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई “श्वेत क्रांति-2” देश के डेयरी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और अगले दस वर्षों में भारत के दुग्ध उत्पादन को तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
अमित शाह ने गांधीनगर के दशेला में मधुर डेयरी यूनिट-2 के अत्याधुनिक स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग संयंत्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, मंत्री हर्ष संघवी सहित कई लोग उपस्थित रहे।
अमित शाह ने कहा कि करीब 128 करोड़ रुपये की लागत से 15 एकड़ में स्थापित यह संयंत्र प्रतिदिन 2.5 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण की क्षमता रखता है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का बड़ा लाभ सीधे दुग्ध उत्पादकों और ग्रामीण परिवारों तक पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि डेयरी सहकारिता मॉडल ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है। आज महिलाएं डेयरी गतिविधियों के माध्यम से परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। शाह ने कहा कि मधुर डेयरी की शुरुआत वर्ष 1971 में मात्र 6,000 लीटर दूध संग्रह और 7,000 रुपये के कारोबार से हुई थी, जो आज बढ़कर 628 करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार तक पहुंच चुकी है।
उन्होंने कहा कि अमूल, बनास डेयरी और मेहसाणा डेयरी जैसी सहकारी संस्थाओं ने आधुनिक तकनीक अपनाकर पशुपालकों की आय बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। सहकारी डेयरियां अब प्रोटीन शेक, प्रो-बायोटिक दही और अन्य वैल्यू-एडेड न्यूट्रिशन उत्पादों के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
अमित शाह ने बताया कि वर्तमान में करीब 36 लाख महिलाएं प्रतिदिन लगभग 3 करोड़ लीटर दूध उत्पादन से जुड़ी हैं और सहकारी डेयरी नेटवर्क के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 200 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में जमा किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र में सर्क्युलर इकोनॉमी और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसानों और पशुपालकों की आय में कम से कम 20 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।



