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उस्मानाबाद: शिवसेना की करारी हार; कांग्रेस और एनसीपी ने मारी बाजी

उस्मानाबाद (महाराष्ट्र) जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के सोमवार को हुए चुनाव में कांग्रेस नेता बापू राव पाटिल और एनसीपी नेता मधुकर मोटे को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया है।

पाठकों को याद होगा कि महाविकास अघाड़ी सरकार के नेताओं ने बैंक के निदेशक मंडल का चुनाव संयुक्त रूप से लड़ा था और शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने पांच-पांच सीटें जीती थीं, लेकिन अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में शिवसेना के उम्मीदवार को शिकस्त देने के लिए कांग्रेस और एनसीपी ने हाथ मिलाया था।

अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस ने बापू राव पाटिल और शिवसेना ने संजय देशमुख को मैदान में उतारा था। वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए एनसीपी ने मधुकर मोटे और शिवसेना ने बलवंत तांबरे पर दांव खेला था, लेकिन शिवसेना उम्मीदवारों को मुंह की खानी पड़ी और 15 में से केवल 4 वोट मिले।

इस बीच, परिणाम की घोषणा के तुंरत बाद बापू राव पाटिल के अनुयायी उन्हें माला पहनाने के लिए दौड़ पड़े। इस मौक पर उन्होंने सभी का धन्यवाद किया। उनके कई अनुयायियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी उन्हें बधाई दी।

एक सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा, “बापूराव पाटिल और मधुकर (भाऊ) मोटे को उस्मानाबाद जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में चुने जाने पर बधाई।”

गौरतलब है कि बैंक का संचित घाटा 101 करोड़ रुपये का है। बैंक को टेरना और तुलजाभवानी सहित दो सहकारी चीनी मिलों से 465 करोड़ रुपये की बकाया राशि वसूलनी है।

अब देखना यह होगा कि नव-निर्वाचित टीम बैंक को वित्तीय संकट से कैसे उबर पाएगी। एस यू शिरापुरकर को बैंक की चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया गया था।

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