ताजा खबरें

नेफेड ने दर्ज किया 29,885 करोड़ रुपये का कारोबार, 15% लाभांश घोषित

नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (नेफेड) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 29,884.72 करोड़ रुपये का कारोबार और 423.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है।

फेडरेशन ने सदस्य फेडरेशनों और सहकारी समितियों के लिए 15 प्रतिशत लाभांश घोषित किया है। इसकी घोषणा 26 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम, प्रगति मैदान में आयोजित नेफेड की 69वीं वार्षिक आमसभा (एजीएम) में की गई। आमसभा में देशभर की सदस्य सहकारी समितियों और राज्य फेडरेशनों का प्रतिनिधित्व करने वाले 700 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

नेफेड के चेयरमैन जेठाभाई अहीर ने कहा कि फेडरेशन सरकार की पीएम-आशा योजना के विभिन्न घटकों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इनमें मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस), मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ), मूल्य कमी भुगतान योजना (पीडीपीएस) और निजी खरीद एवं स्टॉकिस्ट योजना (पीपीएसएस) शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य किसानों को समर्थन देना और कृषि जिंसों की कीमतों में स्थिरता बनाए रखने में मदद करना है।

अहीर ने बताया कि नेफेड अपने खुदरा नेटवर्क का विस्तार कर रहा है और पैक्स, सहकारी समितियों तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से 50 नए स्टोर स्थापित करने की योजना है। नेफेड प्रीमिक्स चाय, बिस्कुट और जूस जैसे उत्पादों के बाजार का भी विस्तार कर रहा है तथा आईआरसीटीसी के माध्यम से भारतीय रेलवे को इनकी आपूर्ति की जा रही है।

मत्स्य क्षेत्र में नेफेड ने 500 मत्स्य सहकारी समितियों को पुनर्जीवित किया है और 50 फिश एफपीओ के गठन में सहायता की है, जिससे 50 हजार से अधिक किसानों को लाभ मिला है।

अपने मुख्य संबोधन में नेफेड के प्रबंध निदेशक ने वित्तीय स्थिरता मजबूत करने के लिए खुदरा विस्तार, संपत्तियों के मौद्रीकरण और निर्यात पर जोर दिया। नेफेड के उत्पादों को संयुक्त अरब अमीरात और कनाडा जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है।

फेडरेशन संस्थागत बाजार का भी विस्तार कर रहा है। भारतीय सेना के लिए भारत राइस लॉन्च करने, कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट (सीएसडी) की कैंटीनों में नेफेड उत्पादों को सूचीबद्ध कराने और ट्रेन में नाश्ते की सेवाओं के माध्यम से एफएमसीजी उत्पादों की आपूर्ति की योजनाएं शामिल हैं।

सरकार की एफपीओ प्रोत्साहन पहल के तहत नेफेड 1,274 एफपीओ को हैंडहोल्डिंग सहायता प्रदान कर रहा है। भंडारण योजना के तहत 345 गोदामों को किराए पर लेने का आश्वासन भी दिया गया है।

डिजिटल परिवर्तन पर जोर देते हुए प्रबंध निदेशक ने बताया कि नेफेड पारदर्शिता और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए ई-समृद्धि, ईआरपी, नेफेक्स.इन और दृष्टि जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहा है। ई-समृद्धि में आधार-सीडेड प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और बायोमेट्रिक आधारित किसान पंजीकरण की सुविधा है। पीएम-आशा के तहत इसे एनसीसीएफ के ई-सम्युक्ति प्लेटफॉर्म से जोड़ने का उद्देश्य किसानों के पंजीकरण और उपज बिक्री के लिए एकीकृत व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

नेफेड ने किसानों के बच्चों के लिए कल्याण छात्रवृत्ति योजना पर भी जोर दिया। इसके तहत ई-समृद्धि पर पंजीकृत किसानों के बच्चों की छात्रवृत्ति के लिए नेफेड के शुद्ध लाभ का 1 प्रतिशत आवंटित किया जाएगा और प्रति छात्र अधिकतम 1 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

नेफेड के उपाध्यक्ष तरलोक सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए प्रतिनिधियों और नेफेड टीम के सामूहिक प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close