
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के अनुरूप केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने केरल के कोल्लम स्थित पवित्रम कन्वेंशन सेंटर में महिला सशक्तीकरण और सहकारिता से जुड़ी विभिन्न पहलों का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी सहित सहकारिता क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘शी-मार्ट’ की शुरुआत रही। इसका उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिला उद्यमियों को बाजार तथा उपभोक्ताओं से सीधे जोड़ना है। शाह ने कहा कि शी-मार्ट के माध्यम से महिलाओं को प्रोक्योरमेंट, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और रिटेल मार्केट तक पहुंच के अवसर मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 300 से अधिक शी-मार्ट स्टोर स्थापित करने की योजना है। इन स्टोरों पर ‘भारत’ ब्रांड के उत्पादों के साथ स्थानीय उत्पाद भी उपलब्ध होंगे। इस संबंध में एनसीसीएफ और भारत लझना सहकारी समिति के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया।
शाह ने एनसीसीएफ और द सेंट्रल फाइनेंशियल क्रेडिट एंड इन्वेस्टमेंट को-ऑपरेटिव (इंडिया) लिमिटेड (सीएफसीआईसीआई) के बीच हुए समझौता ज्ञापन के बाद एनसीसीएफ और सीएफसीआईसीआई के सहयोग से तैयार ‘वनिथम शी-मार्ट शॉप्स’ का रिमोट के माध्यम से लोकार्पण किया। इन दुकानों के माध्यम से महिला ग्राहकों को ‘भारत आटा’ और ‘भारत चावल’ की बिक्री भी शुरू की गई।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केरल का सहकारी आंदोलन देश के सबसे पुराने और मजबूत सहकारी तंत्रों में शामिल है। राज्य में 23 हजार से अधिक सहकारी संस्थाएं कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य ‘सहकार से समृद्धि’ का लाभ विशेष रूप से ग्रामीण और गरीब महिलाओं तक पहुंचाना है।
इस अवसर पर एनसीसीएफ और नेफेड की मोबाइल वैन को 35 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी दर पर प्याज उपलब्ध कराने के लिए हरी झंडी दिखाई गई। इसके अलावा एनसीसीएफ के ‘जनः’ उत्पादों की बिक्री का भी शुभारंभ किया गया।
मत्स्य क्षेत्र में अवसरों का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि केरल की लंबी तटरेखा, बैकवाटर्स, नदियां और समुद्री परंपरा इसे ब्लू इकॉनमी के लिए महत्वपूर्ण संभावनाओं वाला राज्य बनाती हैं। उन्होंने उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात तक सहकारी संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के तहत महिला किसानों को मुफ्त उड़द और चना बीज किट वितरित किए गए। वहीं, नेफेड-कल्याण छात्रवृत्ति योजना के तहत पंजीकृत किसानों की बालिकाओं को छात्रवृत्ति राशि के चेक प्रदान किए गए। शाह ने कहा कि महिला आर्थिक सशक्तीकरण और सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।



