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गुजरात को-ऑपरेटिव यूनियन का युवतियों के लिए सेमिनार; अमीन ने किया प्रेरित

गुजरात स्टेट को-ऑपरेटिव यूनियन ने हाल ही में युवतियों के लिए राज्य स्तरीय सेमिनार का आयोजन किया, जिसमें 1,000 से अधिक युवतियों ने भाग लिया। सेमिनार गुजरात स्टेट को-ऑपरेटिव यूनियन के चेयरमैन घनश्यामभाई एच. अमीन के नेतृत्व में आयोजित हुआ। अपने संबोधन में अमीन ने युवतियों को प्रेरित करते हुए सहकारी क्षेत्र के महत्व और इससे मिलने वाले विभिन्न अवसरों की जानकारी दी।

गुजरात सरकार की राज्य मंत्री दर्शना बेन वाघेला कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। नेशनल एग्रीकल्चरल एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक्स फेडरेशन लिमिटेड, नवी मुंबई के चेयरमैन एवं गुजरात स्टेट एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक लिमिटेड, अहमदाबाद के चेयरमैन डॉलर कोटेचा ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

नेशनल फेडरेशन ऑफ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक्स एंड क्रेडिट सोसाइटीज लिमिटेड के वाइस चेयरमैन एवं कॉसमॉस को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन मिलिंद काले ने भी युवतियों को संबोधित किया। एनसीयूआई, नई दिल्ली की असिस्टेंट डायरेक्टर इंदरप्रीत कौर ने भी अपने विचार साझा किए।

प्रसिद्ध उद्यमी एवं मोटिवेशनल स्पीकर संजय रावल ने महत्वाकांक्षा, आत्मविश्वास और व्यक्तिगत विकास पर प्रेरक संबोधन दिया तथा युवतियों को अपने लक्ष्यों के प्रति दृढ़ रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम में महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ सत्र भी आयोजित किए गए। मनीषा पांड्या ने घरेलू हिंसा के प्रति जागरूकता और महिलाओं की सुरक्षा पर चर्चा की, जबकि रक्षाबेन चौधरी ने दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी दी।

नीरुबेन के. पटेल ने महिला नेतृत्व विकास और सशक्तिकरण पर सत्र लिया। उन्होंने आत्मविश्वास, सहभागिता और नेतृत्व क्षमता के महत्व पर प्रकाश डाला।

सेमिनार ने युवतियों को ज्ञानवर्धन, संवाद, नेटवर्किंग और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया। कार्यक्रम ने सहकारी आंदोलन में महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करते हुए उन्हें भविष्य के नेतृत्व के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया।

सेमिनार में इस बात पर जोर दिया गया कि सहकारी संस्थाएं केवल सामुदायिक सेवा का माध्यम नहीं हैं, बल्कि युवतियों के लिए रोजगार, उद्यमिता, नेतृत्व और सामाजिक विकास के अवसरों का भी मंच बन सकती हैं।

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