
फेडरेशन ऑफ मल्टी-स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव ने हाल ही में पुणे में अपनी 10वीं वार्षिक आमसभा आयोजित की। बैठक में विभिन्न क्रेडिट सहकारी संस्थाओं के चेयरमैन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पदाधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए। आमसभा में क्रेडिट सहकारी क्षेत्र में बदलते परिदृश्य और सामने आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
आमसभा की अध्यक्षता फेडरेशन के संस्थापक चेयरमैन सुरेश वाबले ने की। बैठक में मल्टी-स्टेट क्रेडिट सोसाइटियों के कामकाज, बदलते नियामकीय प्रावधानों, सदस्य हितों, संस्थागत चुनौतियों तथा सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने की आवश्यकता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय राज्य मंत्री (सहकारिता) मुरलीधर मोहोल को पुणे में केंद्रीय सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (सीआरसीएस) के संभागीय कार्यालय की स्थापना के लिए बधाई देने संबंधी प्रस्ताव भी पारित किया गया। फेडरेशन लंबे समय से पुणे में सीआरसीएस का संभागीय कार्यालय स्थापित करने की मांग कर रहा था।
आमसभा को संबोधित करते हुए सुरेश वाबले ने सदस्य संस्थाओं से फेडरेशन की वार्षिक सदस्यता राशि नियमित रूप से जमा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि फेडरेशन महाराष्ट्र और कर्नाटक की मल्टी-स्टेट क्रेडिट सोसाइटियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य करता रहेगा।
बैठक में पिछले वर्ष फेडरेशन द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की गई तथा आगामी कार्यक्रमों और योजनाओं पर भी चर्चा हुई। बदलते वित्तीय एवं नियामकीय माहौल के बीच क्रेडिट सहकारी संस्थाओं के कामकाज में अधिक पारदर्शिता, बेहतर सुशासन और सदस्य-केंद्रित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर फेडरेशन के वाइस चेयरमैन प्रो. डॉ. वी.एस. अनकलकोटे पाटिल तथा निदेशक कडू भाऊ काले, विठ्ठल वाडगे, अजिनाथ हजारे, शिवाजीराव कपाले, रवींद्र कानडे, नारायण खंडेकर, मगाराज राठी, सुकुमार पाटिल और जयसिंह पंडित सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अजीत मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के चेयरमैन एवं पूर्व विधायक अशोकराव टेकावडे भी बैठक में शामिल हुए। कर्नाटक से तात्यासाहेब पाटिल, अशोकराव बैंकापुरे और एडवोकेट एस.एस. गाडगे सहित अन्य सहकारी नेता उपस्थित रहे।
आमसभा का समापन महाराष्ट्र और कर्नाटक की मल्टी-स्टेट क्रेडिट सोसाइटियों के बीच बेहतर समन्वय, आपसी सहयोग और सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने के लिए फेडरेशन के माध्यम से आगे भी पहल जारी रखने के संकल्प के साथ हुआ।



