
भारत टैक्सी ने उत्तर प्रदेश में अपना विस्तार करते हुए लखनऊ के साथ गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भी सेवाओं का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित राज्य सरकार के कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में भारत टैक्सी के सारथी शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से 50 हजार से अधिक लोग ऑनलाइन माध्यम से भी कार्यक्रम से जुड़े।
मुरलीधर मोहोल ने भारत टैक्सी को मोबिलिटी क्षेत्र में सहकारिता के विस्तार की महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस मॉडल का उद्देश्य ड्राइवरों को उनकी कमाई का अधिकतम लाभ पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देना है।
मंत्री के अनुसार, फरवरी 2026 में शुरू हुई भारत टैक्सी पहल ने छह महीनों में तेजी से विस्तार किया है। इस अवधि में 10 लाख से अधिक सारथी इससे जुड़ चुके हैं और प्रतिदिन करीब 20 हजार राइड्स हो रही हैं। लगभग 40 लाख यात्री भी इस सेवा से जुड़ चुके हैं, जबकि पिछले छह महीनों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सारथियों के खातों में पहुंची है।
उत्तर प्रदेश में पांच नए शहरों के जुड़ने से भारत टैक्सी की मौजूदगी राज्य में और मजबूत हुई है। इन पांच शहरों में अब तक लगभग 40 हजार सारथियों का पंजीकरण हो चुका है और वे जल्द ही यात्रियों को अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान भारत टैक्सी के संस्थागत विस्तार को मजबूत करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल और लखनऊ पुलिस ने भारत टैक्सी के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी किया। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ पोर्टल का शुभारंभ किया। उत्तर प्रदेश सहकारिता विभाग के ‘उर्वरक सेतु’ मोबाइल ऐप और उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर के यूपीसीडीसी मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया गया।
मोहोल ने कहा कि सहकारिता को पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़ाकर मोबिलिटी जैसे नए क्षेत्रों से जोड़ना सहकारी आंदोलन के व्यापक होते दायरे को दर्शाता है। उनके अनुसार, भारत टैक्सी इसी दिशा में एक नई सहकारी पहल है, जिसका उद्देश्य ड्राइवरों को स्वामित्व और आर्थिक भागीदारी के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है।



