
हैदराबाद स्थित द सिटिजन को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड का कारोबार वित्त वर्ष 2025-26 में 5,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
सोसाइटी की पिछले सप्ताह हैदराबाद में आयोजित 29वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में वित्तीय प्रदर्शन की जानकारी दी गई। इस मौके पर सोसाइटी के अध्यक्ष एम.एस.आर.वी. प्रसाद ने बताया कि सोसाइटी ने 5,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर लिया है।
वित्त वर्ष 2025-26 में सोसाइटी का कर पश्चात शुद्ध लाभ 9.39% बढ़कर 90.01 करोड़ रुपये हो गया, जो 2024-25 में 82.28 करोड़ रुपये था। जमा राशि 17.18% बढ़कर 2,669.08 करोड़ रुपये, जबकि ऋण एवं अग्रिम 16.73% बढ़कर 2,466.04 करोड़ रुपये हो गए।
उक्त वित्त वर्ष में गोल्ड लोन सोसाइटी की वृद्धि का प्रमुख आधार रहा। गोल्ड लोन 37.67% बढ़कर 1,523.28 करोड़ रुपये हो गया।
इसके अलावा, सोसाइटी के कुल रिजर्व 18.08% बढ़कर 455.23 करोड़ रुपये हो गए। सदस्य संख्या बढ़कर 1,08,478 हो गई, जबकि निवेश 658.29 करोड़ रुपये रहा। सोसाइटी का सीआरएआर 19.11% रहा, जबकि निर्धारित न्यूनतम स्तर 12% है।
वर्ष 2026-27 के लिए सोसाइटी ने 5,850 करोड़ रुपये के कुल कारोबार का लक्ष्य रखा है। करीब नौ वर्ष के अंतराल के बाद सोसाइटी को केंद्रीय सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार ने चार नई शाखाएं खोलने की अनुमति दी है। इनमें एल.बी. नगर (हैदराबाद), ऑटो नगर (विजयवाड़ा) और मधुरवाड़ा (विशाखापत्तनम) शाखाएं शुरू हो चुकी हैं। मणिकोंडा शाखा का उद्घाटन रविवार को हुआ।
सोसाइटी की अब पांच राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में 46 शाखाएं, एक लाख से अधिक सदस्य और करीब 300 कर्मचारी हैं।
एजीएम में यह भी बताया गया कि सोसाइटी के पूर्व प्रबंध निदेशक और वर्तमान सलाहकार के. वेंकटसुब्बैया को सहकारिता मंत्रालय द्वारा गठित मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट सोसाइटियों पर उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समूह का सदस्य नामित किया गया है।
सोसाइटी मौजूदा कोर बैंकिंग सिस्टम से नेक्स्ट-जेनरेशन कोर बैंकिंग सिस्टम पर माइग्रेशन की तैयारी कर रही है। नया प्लेटफॉर्म दिसंबर 2026 तक परिचालन में आने की उम्मीद है।



