
नेशनल को-ऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (एनसीईएल) ने अपनी 5वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान निर्यात कारोबार के विस्तार और सहकारी नेटवर्क की मजबूती को रेखांकित किया।
एजीएम की अध्यक्षता एनसीईएल के चेयरमैन, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के प्रबंध निदेशक और सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव पंकज कुमार बंसल, आईएएस ने की। बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन की समीक्षा की गई तथा भारत के सहकारी-आधारित निर्यात तंत्र के विस्तार की रणनीति पर चर्चा हुई।
एनसीईएल ने वित्त वर्ष 2025-26 में 584.20 करोड़ रुपये का परिचालन कारोबार दर्ज किया। इस दौरान सहकारी संस्था ने अपने निर्यात पोर्टफोलियो में उल्लेखनीय विस्तार किया और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाई।
एनसीईएल की निर्यात उत्पाद टोकरी में शामिल उत्पादों की संख्या वित्त वर्ष 2024-25 के 34 से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 54 हो गई। इनमें केला, अंगूर, झींगा, हल्दी, जीरा सहित कृषि, बागवानी, समुद्री और मूल्यवर्धित उत्पाद शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच बढ़ाने के लिए एनसीईएल ने यूरोप और पूर्वी एशिया में नए अवसर तलाशे, जबकि दक्षिण एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व में अपनी मौजूदगी को मजबूत किया। संस्था ने जर्मनी, मोरक्को, स्पेन, संयुक्त अरब अमीरात और हांगकांग में व्यापारिक गतिविधियों और प्रतिनिधिमंडलों में भाग लिया तथा विदेशी खरीदारों और संस्थागत हितधारकों के साथ संपर्क स्थापित किया।
इस दौरान एनसीईएल ने एक समर्पित मरीन डिवीजन की स्थापना भी की, जिसने अपने पहले वर्ष में मर्चेंट एक्सपोर्ट के लिए एंड-टू-एंड क्षमताएं विकसित कीं। डिवीजन ने तालाब स्तर पर सीधे खरीद की व्यवस्था अपनाई और करीब 1,000 किसानों का आपूर्तिकर्ता नेटवर्क तैयार किया। किसानों को पारदर्शी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उसी दिन डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) की व्यवस्था भी शुरू की गई।
वित्त वर्ष 2025-26 में एनसीईएल की सदस्य संख्या 10,276 से बढ़कर 17,066 हो गई, जो करीब 66 प्रतिशत की वृद्धि है। बोर्ड द्वारा अनुमोदित सदस्यों की संख्या 9,865 से बढ़कर 16,907 हुई, जबकि चुकता शेयर पूंजी 58.09 करोड़ रुपये से बढ़कर 150.92 करोड़ रुपये हो गई।
एनसीईएल भारतकोऑप, सविद्या.कोऑप और कोऑप मार्क भारत जैसी पहलों पर भी काम कर रहा है, जिनका उद्देश्य सहकारी उत्पादों के लिए मजबूत पहचान और डिजिटल इकोसिस्टम विकसित करना है।
आगे एनसीईएल अंतरराष्ट्रीय व्यापार हब और वितरण केंद्र विकसित करने, विदेशों में वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने, भारतकोऑप उत्पादों की प्रीमियम पहचान बढ़ाने और उत्पादक से वैश्विक बाजार तक की आपूर्ति श्रृंखला को अधिक डिजिटल बनाने की दिशा में काम करेगा।



