
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की 61वीं वार्षिक आमसभा हाल ही में शिमला में आयोजित हुई। आमसभा में राज्यभर की सहकारी समितियों के 107 प्रतिनिधियों के साथ बैंक के निदेशक मंडल के सदस्यों और प्रबंध निदेशक विनय सिंह (आईएएस) ने भाग लिया।
बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम ने आमसभा को संबोधित करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान बैंक के वित्तीय प्रदर्शन और प्रमुख पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बैंक की प्रगति में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग का उल्लेख किया।
बैंक ने वित्त वर्ष के दौरान 29,315 करोड़ रुपये का कुल कारोबार दर्ज किया। इसमें 17,448 करोड़ रुपये की जमा और 11,868 करोड़ रुपये के ऋण एवं अग्रिम शामिल हैं।
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां घटकर 2.86 प्रतिशत और शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां 0.86 प्रतिशत रह गईं। एकमुश्त समझौता योजना के तहत बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में 213 ग्राहकों से 17.78 करोड़ रुपये की वसूली की।
तकनीकी क्षेत्र में बैंक ने अपनी मूल बैंकिंग प्रणाली को फिनेकल 10.2.25 पर सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया। साथ ही, मोबाइल बैंकिंग अनुप्रयोग ‘हिमपेसा’ का उन्नत संस्करण शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य ग्राहकों को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना है।
अध्यक्ष ने बैंक की प्रमुख योजनाओं ‘सपनों का संचय’ और ‘सशक्त महिला ऋण योजना’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने सहकारी प्रतिनिधियों से इन योजनाओं को ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने का आग्रह किया।
प्रबंध निदेशक विनय सिंह ने बैंक के वित्तीय आंकड़े प्रस्तुत किए और बैंक को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिनिधियों से सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि बैंक ऐसे क्षेत्रों में बैंकिंग केंद्र बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है, जहां बैंकिंग सेवाएं अभी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पारदर्शिता और कार्यकुशलता में सुधार हो सके।
ग्राहकों को बेहतर सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बैंक ने अपनी शाखाओं के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की है।
आमसभा के समापन पर बैंक के नेतृत्व ने सहकारी आंदोलन को मजबूत करने तथा बैंकिंग सेवाओं और सहकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।



