ऑल इंडिया रेडियो पर अंतरराष्ट्रीय सहकारी वर्ष 2012 का शुभारंभ करते हुए राष्ट्रीय सहकारी संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर चंद्र पाल सिंह यादव और भारत सरकार के केन्द्रीय पंजीयक श्री आर.के. तिवारी ने संयुक्त रूप से भारत जैसे देश के लिए सहकारी आंदोलन के महत्व पर बल दिया.सरकार के पास भी कई कल्याणकारी योजनाएं है और देश के दूरदराज के भाग तक इन योजनाओं को पहुंचाने में सहकारी समितियां वरदान साबित हो सकती हैं. छह लाख सहकारी समितियां हैं और उनसे 24 करोड़ लोग जुड़े हैं, अध्यक्ष ने कहा.
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