अन्य खबरें

कांटे की टक्कर के बाद ड्रॉ ऑफ लॉट्स से पाटिल बने विजेता

नेशनल कोऑपरेटिव यूनियन ऑफ इंडिया (एनसीयूआई) की गवर्निंग काउंसिल के चुनाव में एक सीट का फैसला ड्रॉ ऑफ लॉट्स के जरिए हुआ। स्टेट अर्बन कोऑपरेटिव बैंक्स (यूसीबी) एवं क्रेडिट सोसायटीज फेडरेशन निर्वाचन क्षेत्र में कर्नाटक के वरिष्ठ सहकारी नेता एच.के. पाटिल और सहकार भारती के नेता सुनील गुप्ता को चार-चार मत मिले। बराबरी की स्थिति बनने के बाद चुनाव नियमों के अनुसार विजेता का फैसला ड्रॉ ऑफ लॉट्स से किया गया।

मतदान से पहले ही यह मुकाबला चर्चा का विषय बना हुआ था, क्योंकि इस निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक मंडल में केवल आठ मतदाता थे। ऐसे में प्रत्येक मत को निर्णायक माना जा रहा था। सहकारिता जगत में पहले से ही यह अनुमान लगाया जा रहा था कि दोनों उम्मीदवारों के पक्ष में तीन-तीन मत तय हैं, जबकि शेष दो मत ही जीत-हार का फैसला करेंगे।

मतगणना के बाद यही अनुमान सही साबित हुआ और एच.के. पाटिल तथा सुनील गुप्ता दोनों को चार-चार मत मिले। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने चुनाव नियमों के तहत ड्रॉ ऑफ लॉट्स की प्रक्रिया अपनाई, जिसमें भाग्य ने एच.के. पाटिल का साथ दिया और उन्हें एनसीयूआई गवर्निंग काउंसिल का निर्वाचित सदस्य घोषित किया गया।

इस परिणाम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मात्र आठ सदस्यीय निर्वाचक मंडल वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में हर एक वोट कितना महत्वपूर्ण था।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close